हल्द्वानी – (निकाय चुनाव) पढिय़ें किसने कहा मैं खड़ा होकर करूंगा इंद्रानगर नाले की चिनाई, दिलचस्प हुआ चुनावी दंगल

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हल्द्वानी – न्यूज टुडे नेटवर्क- कांग्रेस के मेयर पद के प्रत्याशी सुमित हृदयेश इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हो गये है। वह एक दिन में कई जनसभाओं को संबोधित कर रहे है। ऐसे में भाजपा की राह आसान नहीं दिखती है। वही कई वार्डो में भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशी नहीं उतारे है। जिसका फायदा कांग्रेस मेयर पद के साथ ही पार्षद पद के लिए भ्ी उठा सकती है। अभी तक सुमित हृदयेश बिठौरिया, दमुआढूंगा, बरेली रोड और रामुपर रोड के कई वार्डो में अपनी जनसभाएं कर चुके है। जिसका उन्हें जबरदस्त फायदा देखने को मिल रहा है। इसके अलावा सुमित ने शहरी क्षेत्र में भी जबरदस्त पकड़ बनानी शुरू कर दी है। हाल ही में इन्दानगर में जनसंपर्क करने गये सुमित हृदयेश से जब लोगों ने नाले निर्माण की बात की तो उन्होंने कहा कि मैं खड़ा होकर करूंगा इंद्रानगर के नाले की चिनाई। जिसके बाद लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की। वही उनकी माता नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश द्वारा किये गये कार्यों की लोग सराहना कर रहे है। कालाढूंगी विधानसभा अलग होने से पहले तत्कालीन विधायक इंदिरा हृदयेश ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी से लेकर गलियों में सीसी मार्ग और सडक़ों का निर्माण कराया था। जिसकी लोग तारीफ भी कर रहे है। ऐसे में यही कयास लगाये जा रहे है कि नेता प्रतिपक्ष के विकास कार्यो का फायदा उनके बेटे सुमित हृदयेश को मिल सकता है।

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लोगों ने की सुमित की तारीफ

चुनावी जनसभाओं के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने सुमित की तारीफ भी की। उन्होने कहा कि मंडी समिति के अध्यक्ष पद पर रहते हुए सुमित ने कई फलदार पौधे वितरित किये थे। जिनमें से अधिकांश पौधों में फल भी लग चुके है। जनसभाओं के दौरान कई लोगों ने उन्ही पेड़ो में फल तोडक़र मेयर प्रत्याशी सुमित को खिला दिये। इससे सुमित भी गदगद हो उठे। साथ ही लोगों ने उनकी माता इंदिरा हृदयेश के विकास कार्यों को भी गिनाया। इससे साफ होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस अपनी पैठ बनाने की सफल साबित हो रही है। वही शहरी वार्डो में भी सुमित ने जबरदस्त जनसंपर्क किया है। इंद्रानगर में हुए वाक्य के बाद सुमित और सक्रिय हो गये है। इंद्रा नगर में उन्होंने कहा कि मैं खुद यहां खड़ा होकर करूंगा इंद्रानगर के नाले की चिनाई करूंगा। ऐसे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपने गढ़ का राग अलापने वाली बीजेपी के लिए राह कांटों से भरी है। फिलहाल जनता तय करेगी कि मेयर पद का असली हकदार है।

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