बीजेपी पार्षद के भतीजे की बॉडी हल्द्वानी के इन युवाओं ने नहर से कूदकर निकाली, कलेजे के टुकड़े को टकटकी लगाये देखती रही मां

1512

हल्द्वानी-रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर नहर में नहाने के दौरान बहे वार्ड नंबर 54 के पार्षद चंद्रशेखर कांडपाल का इंजीनियर भतीजा रितेश कांडपाल का शव आज बरामद हो गया। सुबह से उसकी खोज में एनडीआरएफ की टीम जुटी थी। लेकिन हल्द्वानी से रितेश के परिजनों के संग गये लोगों ने भी उसकी खोजबीन शुरू की तो अचानक नदीं किनारे एक युवक के पैर पर रितेश की बॉडी टकरायी तो उसे पहचान लिया।

यह भी पढ़े.. हल्द्वानी- बीजेपी पार्षद का भतीजा नहर में डूबा, पुलिस और गोताखोरों ने यहाँ से किया सर्च ऑपरेशन

हो-हल्ला के बीच उसे साथ गये तीन साथियों ने मिलकर नदीं से शव को बाहर निकाला। बता दें कि रितेश रविवार को छुट्टी के दिन दो साथियों के साथ छोटा हरिद्वार नाम की जगह पर नहाने गया था। जिसके बाद वह बह गया। हालांकि पुलिस ने उसके दोनों साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन उनसे की कुछ सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोर रितेश की तलाश में जुट गये। बताया जा रहा है कि रितेश का पांव पिसलने से वह नहीं में गिरा। जिसके बाद वह बह गया।

Ritesh Kandpal haldwani

रविवार को नहाते समय बहा था रितेश

रविवार शाम रितेश की डूबने की खबर मिलते ही उसके परिजनों के साथ पार्षद चन्द्रशेखर कांडपाल, दीपक जंतवाल, तरूण बिष्ट, हिमांशु साथ गये थे। आज सुबह से सभी लोग रितेश की खोजबीन में जुट गये। इस बीच मसूरी के पास निहाल चौकी से 4 किमी पीछे रितेश का शव अचानक दीपक जंतवाल के पैर से टकराया। ऊपर से जा रहे कार वाले ने आवाज लगाई की कि शव बह रहा है। शव को देखते ही दीपक के साथ हिमांशु, तरूण ने मिलकर उसके शव बाहर निकाली। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

यह भी पढ़े… हल्द्वानी- उत्तराखंड के बेरोजगार ने यहां लगाये ये पोस्टर, लिखा हरीश Plz…Come# I”m Sorry!!

पार्षद कांडपाल का भतीजा है रितेश

पार्षद चंद्रशेखर के बड़े भाई जगदीश कांडपाल भी साथ ही रहते हैं। जगदीश कांडपाल की घर के बाहर स्टेशनरी की शॉप है। उनका छोटा बेटा रितेश कांडपाल गाजियाबाद में रहकर निजी कंपनी में जॉब करता था। रविवार दोपहर उन्हें रितेश के नहर मेे बहने की जानकारी पुलिस ने दी। सूचना मिलते ही जगदीश कांडपाल समेत अन्य परिजन गाजियाबाद को रवाना हो गये थे। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले भतीजा रितेश हल्द्वानी आया था। 15 दिन यहां रहकर परीक्षा देने के बाद रितेश चार दिन पहले ही वहां के लिए रवाना हुआ था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here