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हल्द्वानी- (बड़ी खबर) मरीजों के बाद अब चिकित्सक भी डेंगू की चपेट में, अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप

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हल्द्वानी न्यूज- कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में डेंगू ने अपने पैर पसार लिए है। डेंगू से हो रही लगातार मौतों से शासन-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए है। वही मरीजों के साथ-साथ अब एसटीएच के चिकित्सकों में भी डेंगू के लक्षण मिले है। जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बता दें हल्द्वानी में अभी तक डेंगू मलेरिया के सैकड़ो मरीज बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हो चुके है।

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वही अकेले सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू के 80 मरीज भर्ती है। जिनमें से अभी तक दो की मौत हो चुकी है। आंकड़ो की माने तो दोनों अस्पतालो में मिलाकर अभी तक 500 डेंगू के मरीज सामने आये है। मामले में अधिक जानकारी देते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीपी भैसोड़ा ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है।

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इसके अलावा 100 से अधिक बैड इन मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा लगाए गए है। वही बुखार के दौरान मरीजों की गिरती प्लेट्स को देखते हुए अस्पताल द्वारा डोनरों के व्यवस्था भी कराई जा रही है। कोई भी मरीज यदि रैफर होकर यहां आता है तो उसका चिकित्सक उचित उपचार कर रहे है।

तीन चिकित्सकों को में दिखे डेंगू के लक्षण

जानकारी मुताबिक हल्द्वानी के एसटीएच में प्रतीदिन 70 से 80 मरीज डेंगू के अपना उपचार कराने पहुंच रहे है। वही डेंगू के प्रकोप से चिकित्सक भी नहीं बच सके है। अभी तक तीन चिकित्सकों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। वही अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा 100 से अधिक बैड इन मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा लगाए गए है। वही बुखार के दौरान मरीजों की गिरती प्लेट्स को देखते हुए अस्पताल द्वारा डोनरों के व्यवस्था भी कराई जा रही है।

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वार्ड नम्बर 28 के पार्षद को हुआ डेंगू

वही डेंगू की चपेट में वार्ड 28 के पार्षद इमरान खान भी आ गये हैं। उनका बरेली के भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में उपचार चल रहा है। इसके अलावा वनभूलपुरा तथा मुखानी थाने में तैनात दो दरोगाओं को भी डेंगू हो गया है। फिलहाल उनकी सेहत में सुधार है।