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भीमताल है स्विटजरलैंड से भी खूबसूरत जगह, जानिए यहां क्या है खास

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भीमताल-न्यूज टुडे नेटवर्क: हरी-भरी पहाडय़िों से भरा मैदान और पहाड़ अपने आप में एक खूबसूरत नजारा है। अंग्रेजों ने भीमताल को स्विटजरलैंड से भी ज्यादा खूबसूरत माना था। अंग्रेज इसे वेस्ट मोर लैंड ऑफ कुमाऊं के नाम से बुलाते थे। भीमताल में ट्रेकिंग करना एक बेहद रोमांचक भरा नजारा होगा। ट्रेकिंग के लिए नलदमयन्ती, च्यवन ऋषि आश्रम व हिडम्बा पर्वत, महाराज जिन्द पैलेसे जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर भी जाया जा सकता है। भीमताल इलेक्ट्रानिक घाटी के रुप में भी जानी जाती है। तो चलिए ऐसे ही पौराणिक क्षेत्र की यात्रा पर चलते हैं, जो है भीमताल।

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हनुमानगढ़ी मंदिर

इस मंदिर का निर्माण संत बाबा नीम करोली द्वारा किया गया था। बाबा ने यहां पर एक साल तhanuman-garhi-templeक ‘राम नाम’का जप किया था। यह सब देखकर वहां मौजूद पेड़-पोधे भी भगवान राम का नाम जपने लगे थे। इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां प्रार्थना करता है उसकी मन्नत ज़रुर पूरी होती है। प्रतिवर्ष इस मंदिर में भक्तों की भी लगी रहती है।

भीमेश्वर महादेव मंदिर

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महाभारत चरित्र भीम के नाम पर भीमेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि भीम द्वारा आसपास के मंदिर का दौरा करने के बाद उन्हें एक आवाज आई कि अगर वह अपने नाम को पीढिय़ों तक याद रखना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी भक्ति से शिव का एक मंदिर स्थापित करना होगा। इसी कारण भीमताल झील के तट पर भीमेश्वर महादेव मंदिर बनवाया गया।

नल दमयंती ताल

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नल दमयंती ताल की महत्ता का वर्णन स्कंद पुराण में मिलता है। यह भीमताल से लगभग 2 किलोमीटर दूरी पर नल दमयंती झील स्थित है। द्वापर युग में राजा नल को उनके भाई पुष्कर ने छल से हराकर उनका राज्य ले लिया था। राजा नल को पत्नी दमयंती के साथ वनवासी जीवन व्यतीत करना पड़ा वनवास की अवधि में उन्होंने अधिकांश समय इसी स्थान में व्यतीत किया था। मंदिर की स्थापना की समय सीमा भी तब की ही मानी जाती है।

 

लोक संस्कृति संग्रहालय

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इस संग्रहालय में पर्यटक तस्वीरों के विशाल संग्रह के साथ-साथ कीमती कलाकृतियों का भी लुफ्त उठाते हैं। यहां उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को दर्शाने वाली विभिन्न पुरातात्विक वस्तुओं और रॉक कला का बहुत अच्छा कलेक्शन है।

 

विक्टोरिया बांध

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भीमताल झील के अंत में बना हुआ एक शानदार बांध हैं, जो 40 फीट ऊंचा हैं। यह बांध पर्यटकों को लुभावना प्राकृतिक दृश्?य प्रदान करता है। यहां पर लगाए गए सुंदर जंगली फूल पर्यटकों को बेहद आकर्षित करते हैं।

नौकुचियाताल

भीमताल से 4 किमी की दूरी पर स्थित नौकुचियाताल अपनी प्राकृतिक बनावट के कारण आकर्षण का केंद्र बना रहता है। भीमताल से 8 किमी. की दूरी पर स्थित सात झीलों का एक समूह है जिसे सातताल के नाम से जाना जाता है। इस झील समूह में राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, नल दमयन्ती, गरुड़ व सूखाताल प्रमुख है। ये ताल एकांत में स्थित हैं जहां आप शांत होकर बैठ सकते हैं।

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सात ताल झील

महज 5 किलोमीटर की दूरी पर ही आप एक और सुंदर झील के नज़ारे ले सकते हैं, जो है सत्ताल झील। यह भी नैनीताल के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। प्रकृति का यह उपहार, सात ताल कई प्रजातियों की चिडय़िों का घर भी है। यह कहना गलत नहीं होगा की सात ताल फोटोग्राफरों के लिए भी सबसे उत्तम स्थान है।

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नैनीताल से भीमताल कैसे पहुँचें

नैनीताल से भीमताल महज 22 किमी. है। पर्यटक यहां टैक्सी या बस से पहुँच सकते हैं।

बस द्वारा : निजी वॉल्वो बसों की सुविधा दिल्ली से नैनीताल के लिए उपलब्ध हैं। सेमी-डिलक्स बसों की सुविधा भी अल्मोड़ा, रानीखेत और बद्रीनाथ से नैनीताल तक के लिए उपलब्ध हैं।

ट्रेन द्वारा: काठगोदाम नैनीताल पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है।
हवाई जहाज द्वारा : पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है।