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बजट पेश करने से पहले पीएम मोदी ने तय किये ये तीन टारगेट, बेरोजगारी खत्म करने को बनाया ये प्लान

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PM Modi-New Budget, लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद मोदी सरकार अब उन मोर्चों पर काम करने में जुट गई है, जिनपर पहले कार्यकाल में कामयाबी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली। मोदी सरकार की ओर से 5 जुलाई को पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। लेकिन जानकारों की मानें तो पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को किसान, रोजगार और निवेश के मुद्दे पर सबसे पहले काम करने की सलाह दी है। खबरों के मुताबिक पूरा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है और बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है।

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पीएम मोदी ने तय किए ये तीन टारगेट

लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद मोदी सरकार अब उन मोर्चों पर काम करने में जुट गई है, जिनपर पहले कार्यकाल में कामयाबी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली। मोदी सरकार की ओर से 5 जुलाई को पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। लेकिन जानकारों की मानें तो पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को किसान, रोजगार और निवेश के मुद्दे पर सबसे पहले काम करने की सलाह दी है। खबरों के मुताबिक पूरा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है और बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है।

किसान की समस्या

किसानों की आय बढ़ाने की योजनाओं पर अमल में लाया जा सकता है। सरकार कृषि क्षेत्र की सुस्त गतिविधियों में तेजी लाने पर विशेष ध्यान जारी रख सकती है। पूर्ण बजट में इस क्षेत्र के लिए आवंटन अंतरिम बजट के आंकड़े से 30 फीसदी अधिक किया जा सकता है। अंतरिम बजट में आवंटन 144 फीसदी बढ़ाकर 1,40,764 लाख करोड़ रुपये किया गया था। उर्वरक सब्सिडी के लिए आवंटन भी बढ़ सकता है। यही नहीं, किसानों को बजट में मोदी सरकार एक से पांच साल के लिए जीरो परसेंट ब्याज पर कृषि कर्ज भी मुहैया करा सकती है। खबरों के मुताबिक इसमें मूलराशि के समय पर भुगतान की शर्त होगी। दरअसल मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़े और वे समृद्ध हों, इसके लिए मजबूत वेयरहाउस और लॉजिस्टिक नेटवर्क उपलब्ध करवाने का वादा किया है. ताकि किसान जो फसल पैदा कर रहे हैं उसके भंडारण की दिक्कत न हो। किसानों अपनी फसल का भंडारण गांव के नजदीक कर सकें, इसके लिए ग्राम भंडारण योजना शुरू करवाने का भी प्लान है।

बेरोजगारी होगी खत्म

दूसरी बार सत्ता में काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेश और रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उनकी सरकार निवेश और रोजगार को लेकर कैबिनेट कमेटियों का गठन करेगी। रोजगार और कौशल विकास को लेकर बनने वाली केंद्रीय कैबिनेट कमेटी में 10 मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। इस कैबिनेट कमेटी का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, रेलमंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य मंत्री इस कमेटी के सदस्य होंगे। बताया जा रहा है कि इससे जनवरी 2020 तक देश के 7 करोड़ असंगठित रोजगारों की तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद सरकार इस सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर रोजगार को लेकर आगामी रणनीति तैयार करेगी।

निवेश पर फोकस

पिछले पांच वर्षों के दौरान आर्थिक विकास दर 8.2 फीसदी से घटकर 5.8 फीसदी पर आ गई है। बजट में सरकार का फोकस इकोनॉमी की ग्रोथ को पटरी पर लाने का होगा। बजट में सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और घरेलू निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतिगत घोषणा कर सकती है और भारत को उन कंपनियों के लिए आदर्श जगह बनाया जा सकता है, जो चीन-अमेरिका ट्रेड वॉर की वजह से अपना बेस चीन से हटाकर कहीं और ले जाना चाहती है। निवेश को लेकर बनने वाली कैबिनेट कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और रेलमंत्री पीयूष गोयल के अलावा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री शामिल होंगे।