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बरेली: जानिए, क्यों जिला कारागार में ज्यादा असरकारी नहीं हो सका कोरोना संक्रमण

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के बरेली में कोरोना संक्रमण पर नकेल कसने के लिए बरेली जिला कारागार ने कमर कसी हुई है। जिला कारागार में कोई भी सामान सघन तलाशी और सैनिटाइज होने के बाद अंदर जाता है। यहां एक टनलनुमा फ्रेम बना है जहां पर सामान सैनिटाइज  होता है।

देश-दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना को मात देने की हर मुमकिन कोशिशें जारी हैं। जेलों में भी कोरोना पहुंच चुका है। कई जेलों में तो कोरोना की वजह से बंदियों की मौत भी हो चुकी है। महामारी को मात देने के लिए शासन एहतियात बरतने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। इसी के चलते जिला कारागारों में भी एहितयात बरती जा रही है।

इसी कड़ी में बरेली जिला कारागार जेलों में फैल रहे कोरोना को लेकर सतर्क हो गया है। अब जेल में कोई भी सामान बिना सैनेटाइज किए अंदर नहीं जाता है।

बरेली जिला कारागार प्रशासन ने कोरोना को हराने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार कर ली है। कोरोना के लिए जेल के अंदर एक विशेष फ्रेम स्थापित किया गया है। जिसमें जेल के बाहर से आने वाले सामान को पहले सेनिटाइजेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उसके दो दिन बाद सामग्री (जिनमें सील पैक्ड सामग्री और सर्दी के कपड़े शामिल हैं) को बंदी को दिया जाता है।

जेल प्रशासन कर रहा बंदियों को जागरूक

जेल प्रशासन का दावा है कि बरेली मंडल में अब तक सबसे कम संक्रमण के मामले भी बरेली जिला जेल में सामने आए हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि कोरोना नियमों के पालन को लेकर जेल प्रशासन सक्रिय है। जेल में निरुद्ध कैदियों को इस महामारी से सुरक्षित रखना एक चुनौती भरा कार्य है। उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों को हर दिन कोरोना को लेकर जागरूक किया जाता है साथ ही बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दी जाती है।

बातचीत के दौरान जेल अधीक्षक ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए जेल प्रशासन ने एक टनलनुमा बड़ा फ्रेम तैयार करके एक डिवाइस के माध्यम से ऑटोमैटिक सिस्टम तैयार किया है। इसमें सरकार के द्वारा दिये गए निर्देशों के क्रम में सुझाए गए एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा जेल के बाहर से आने वाली सामग्री को तब तक बंदियों को नहीं दिया जाता जब तक कि संक्रमण फैलने का खतरा समाप्त न हो जाये।

हर शनिवार होती है कोरोना जांच

जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि जिला कारागार में प्रत्येक बैरक में हैंड सैनिटाइजर रखा गया है। इसके अलावा जेल की चारदीवारी के भीतर कोरोना को घुसने से रोकने के लिए तमाम उपाय किये हैं। प्रत्येक शनिवार को लगभग 300 बंदियों की कोरोना की जांच कराई जाती है।

सबसे कम संक्रमित बरेली जेल में

जेल अधीक्षक ने बताया कि इन दिनों मुलाकात बंद है. उसके बावजूद भी जो सामग्री बंदियों के लिए अंदर आती हैं, उसे पूरी तरह से सुरक्षित होने के बाद ही अंदर जाने दिया जाता है. जेल अधीक्षक ने बताया कि बरेली मंडल में जितनी जेलें हैं, उनमें सबसे कम संक्रमित बरेली जिला कारागार में हैं।

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