बरेली-:विकास कार्यों को लेकर डीएम को हुए सख्त, रिपोर्ट में दिखाई ढिलाई तो होगी ये बड़ी कार्रवाई

बरेली: जिलाधिकारी (Collector) नितीश कुमार ने कहा कि वित्तीय स्वीकृतियों की पत्रावलियों पर अधिकतम सात दिन के अंदर अंतिम निर्णय लेकर उनके समक्ष प्रस्तुत करना होगा। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि, तकनीकी रिपोर्ट आदि कार्यों में तेजी लाएं। यदि धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी किसी विभाग का कार्य अधूरा रहता है या उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) निर्गत नहीं हो पाता है।
dmजिलाधिकारी विकास भवन (Vikas Bhawan) के सभागार (Auditorium) में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक (Monthly Review Meeting) की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष (financial year) के अंत में जो विभाग कार्यों के पूरा होने की रिपोर्ट (Report) दे रहे हैं। उन कार्यों का निरीक्षण करेंगे व  जिन विभागों की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है, उनके विभागाध्यक्ष को इसके बारे में रिपोर्ट भेजी जाएगी। बरेली जनपद के विकास कार्यों में बजट सम्बंधी किसी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्योंकि विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों के लिए शासन या प्रशासन स्तर पर नियमानुसार बजट का आवंटन किया गया है।

बैठक में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि बरेली में निर्माणाधीन पुलों तथा ओवर ब्रिज आदि के कार्यों के अधिकांश प्रकरणों का निपटारा हो गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बरेली में पर्यटन की असीम संभावना है, इसी परिप्रेक्ष्य में यहां के पौराणिक स्थलों का सुंदरीकरण किया जाए। उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी से कहा कि इन स्थानों पर योग केंद्र तथा अन्य आकर्षक निर्माण कराएं। और थीम पर स्थानों का विकास किया जाए ताकि स्थानीय नागरिकों सहित पर्यटक भी आकर्षित हों सकें।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्कूल-कॉलेजों के भवनों के हस्तांतरण पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी अधूरे या अर्धनिर्मित स्कूल भवनों को शिक्षा विभाग स्वीकार न करे और अधूरे भवनों को इसी माह पूरा किया जाए। उन्हें अवगत कराया गया कि निर्माणाधीन दो स्कूल भवन तैयार हैं। अगले सप्ताह उनके भवनों को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। शेष दो अगले 15 दिन में तैयार कर दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए कि वह समन्वय स्थापित कर जल्दी ही अस्पताल के निर्माणाधीन भवन के हस्तांतरण (Transfer) की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
vikas bhawanउन्‍होंने कहा कि जिन कार्यों के टेंडर नहीं हुए हैं, अगले दस दिनों में उनके टेंडर निकल जाने चाहिए। और जिन कार्यों के टेंडर प्रकाशित किए जा चुके हैं, उनके कार्यादेश जल्‍द जारी कर दिए जाएं। किसी भी विभाग की स्वीकृत बजट धनराशि सरेंडर नहीं की जानी चाहिए। अनावश्यक कारणों से जिस विभाग की स्वीकृत बजट धनराशि सरेंडर की गई, तो सम्बंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकरी  चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि विकास कार्यों की रिपोर्ट का भौतिक परीक्षण वे स्वयं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विभागों की प्रस्तुत रिपोर्ट और स्थलीय परीक्षण में अंतर पाया गया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएमओ सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की बड़ी खबरें