BAREILLY: बाल सुधार गृह में बच्‍चें देख रहे थे क्राइम पेट्रोल, सारी व्‍यवस्‍थाएं दिखी अस्त व्यस्त

बरेली: राज्य बाल संरक्षण आयोग (State Child Protection Commission) के अध्यक्ष डाक्टर विशेष गुप्ता ने बाल सुधार गृह (Juvenile Home) का निरीक्षण किया। वहां बच्चे टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल (Crime Petrol Serial) देख रहे थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कर्मचारी की फटकार लगाई और कहा कि बच्चों को ऐसे सीरियल के बजाय प्रेरित (Inspire) करने वाली कहानियां दिखाएं। बाल सुधार गृह पहुंचे अध्यक्ष को कौशल विकास प्रशिक्षण के इंतजाम भी नहीं मिले।
Juvenile Homeउन्होंने बेबी वार्न फोल्ड (Baby Born fold) के साथ बने हॉस्टल (Hostel) का निरीक्षण किया। इसका संचालन भी बेबी बोर्न फोल्ड चलाने वाली संस्था ही करती है। यहां पर ज्यादातर सिंगल अभिभावकों (Single Parents) की बच्चियां पढ़ती हैं। हॉस्टल के रजिस्टर पर 27 बच्चियां पंजीकृत हैं लेकिन मौके पर वहां सिर्फ चार बच्चियां ही मिलीं। अध्यक्ष ने सभी बच्चियां का रिकार्ड प्रबंधन से मांगा है। और डीएम नितीश कुमार से मामले की जांच करके यह पता करने को कहा है कि ये बच्चियां कहां की है। उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है, यह पता लगाया जाए।

प्रबंधन ने परीक्षा के बाद बच्चियों के अपने घर जाने की बात कही है। बेबी बोर्न फोल्ड के निरीक्षण के समय वहां पर 14 बच्चे मिले। उन्होंने कहा कि बच्चों के गोद दिए जाने के बारे में आयोग को नहीं बताया जा रहा इस बात पर भी नाराजगी जताई।  उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी डाक्टर का विजिट कराया जाए। आर्य समाज के अनाथालय में शिक्षक की जगह पर चपरासी बच्चों को पढ़ाती मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।

हॉस्टल का हो रजिस्ट्रेशन
उन्होंने निर्देश दिए कि शहर में चल रहे सभी गैर सरकारी हॉस्टल का जेजे एक्ट में रजिस्ट्रेशन किया जाए। जिससे यह पता चल सकेगा कि 18 साल से कम आयु के जो बच्चे वहां पर रह रहे हैं। उन के बारे में पता चलता रहेगा।

अधिकारियों पर लेंगे एक्‍शन
उन्होंने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक के दौरान ज्यादातर अधिकारी योजनाओं के बारे में बेसिक जानकारी तक नहीं दे पाए। ज्यादातर अधिकारी बिना योजनाओं के डाटा के ही बैठक में पहुंचे थे। बैठक में शाहजहांपुर के बीएसए,  डीपीआरओ, डीपीओ,  समाज कल्याण अधिकारी, सीएमओ के न आने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह से उन्होंने बाल श्रमिकों पर रोक नहीं लगने पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी बनाकर अब कूड़े बीनने और सड़क पर घूमने फिरने वाले बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

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