Bareilly : नाथ नगरी में बन रही है नव-वाटिका, कर सकेंगे अपने ग्रहों को शांत

Bareilly : बरेली शहर महाभारत काल का गवाह रहा हैं। द्वापर युग के तमाम ऐसे प्रमाण इस क्षेत्र की ऐतिहासिकता सिद्ध करते हैं। उसी जमाने में भगवान शिव (Lord Shiv) की उपासना के लिए कुछ पूूजन स्थल भी बने हुए हैं जिनसे आज बरेली की पहचान नाथ नगरी (Nath Nagri) के रूप में है। उसी नाथ नगरी के उन्हीं नाथों के मंदिरों (Temples) का कायाकल्प किया जा रहा है।
nab batikaनाथ मंदिरों में नक्षत्र वाटिका का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इन वाटिकाओं से पर्यावरण शुद्धि के साथ ही साथ शहर वासियों को स्वास्थ्य वातावरण दिलाने के उद्देश्य से अधिकांश मंदिरों में नव ग्रह नक्षत्र वाटिका बनवाई गई है। नक्षत्र वाटिका में नक्षत्रों से संबंधित पौधे लगाये जा रहे हैं।
divya mittalबीडीए उपाध्‍यक्ष दिव्‍या मित्‍तल ने बताया कि नक्षत्र वाटिकाओं (Nakshatra Vatika) के निर्माण पर लगभग 10 लाख रूपये का व्यय आ रहा है। योगी सरकार ने इसके लिये बजट जारी कर दिया है। उन्‍होंने बताया कि पौराणिक मान्यता (Mythological belief) के अनुसार ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्धारित दिशा में वृक्ष की स्थापना एंव नवग्रह वाटिका का निर्माण से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही बीडीए की तरफ से आप लोग भी ग्रहों से संबंधित पौधों को अपने घर पर लगा कर ग्रहों को शांत करने के साथ-साथ पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं।

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