BAREILLY: एम्बुलेंस से हो रही थी नशीले पदार्थों की तस्करी

बरेली: पुलिस से बचने के लिए मादक पदार्थों (Intoxicant) के तस्करों (Smugglers) ने नया तरीका खोज निकाला है। किसी को उन पर शक न हो इसके लिए तस्कर अब एम्बुलेंस (Ambulance) के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। इसका खुलासा हुआ है बरेली में जहाँ यूपी एसटीएफ (UP STF) की बरेली इकाई ने एम्बुलेंस के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए दो महिलाओं समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार (Arrested) किया है। ये लोग करीब 80 लाख रूपये कीमत की चरस (Charas) को एम्बुलेंस में रख कर ले जा रहे थे।
nashile padartho ki taskari
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 
मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर एसटीएफ ने बरेली इकाई इंस्पेक्टर (Inspector) अजय पाल सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर तस्करों को पकड़ने का कार्य शुरू किया था। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने बारादरी थाना क्षेत्र के संजयनगर इलाके में जब एक एम्बुलेंस की तलाशी ली तो उसमें से 16 किलो चरस बरामद हुई। जिसकी अंतराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कीमत 80 लाख रूपये बताई जा रही है। एसटीएफ ने मौके से नेपाल के केलाली जिले के भजनी थाना क्षेत्र के सुक्का की रहने वाली रूपा और विशना के साथ रामपुर के कोतवाली इलाके के रहने वाले फिरोज खान को गिरफ्तार किया है। लेकिन इनकी एक अन्य साथी रितु चौधरी फरार है।

नेपाल से ला रहे थे चरस 
पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये चरस की खेप लाकर भारत- नेपाल सीमा पर रख देते हैं और मांग के अनुसार सप्लाई करते है। इस बार तस्कर नेपाल के रास्ते धनगढ़ी, पलिया खीरी होते हुए बरेली पहुंचे थे और इन्हें चरस की खेप लेकर रामपुर जाना था। जहाँ से ये चरस पश्चिमी यूपी के तमाम जिलों में सप्लाई की जानी थी। पुलिस ने चरस, एम्बुलेंस, मोबाइल और भारतीय एवं नेपाली मुद्रा भी बरामद की है।

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