बेंगलुरू-अपनी काबिलियत पर भरोसा कर धोनी ने नहीं लिए तीन सिंगल, चेन्नई एक रन से हार गया रोमांचक मैच

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बेंगलुरू-न्यूज टुडे नेटवर्क- रविवार की देर रात हुए आईपीएल मुकाबले में महेन्द्र सिंह धोनी ने कई सालों पर सबसे बेहतरीन पारी खेली। 175 की स्ट्राइक रेट से 84 रन बनाए। जब उनकी टीम चेन्नई महज 28 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। एमएस धोनी ने पारी के आखिरी ओवर में 24 रन ठोक दिए। लेकिन इसके उनकी टीम हार गई इसके बाद फैन्स ने धोनी को खूब लताड़ लगा दी। क्योंकि धोनी की एक गलती ने मैच हरा दिया। मात्र एक रन से चेन्नई हार गई। फैंस ने लिखा कि धोनी ने एक बार नहीं, तीन-तीन बार गलती की। आखिर क्या थी वो गलती और धोनी ने जानबूझकर ऐसा क्यों।

ब्रावो पर नहीं किया भरोसा

धोनी कप्तानी पारी खेलकर भी हीरो नहीं बन सके। चेन्नई को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए 36 रन बनाने थे। गेंद नवदीप सैनी के हाथों में थी और क्रीज पर धोनी 51 रन पर नाबाद थे। नान स्ट्राइकर एंड पर ड्वेन ब्रावो 3 गेंद पर 5 रन बनाकर खेल रहे थे। धोनी ने मैच की पहली गेंद को स्वीपर कवर पर खेला। एक रन मिल सकता था, लेकिन वे नहीं दौड़े, उन्होंने दूसरी गेंद पर ऐसा ही किया। इस बार गेंद लॉन्गऑन पर गई थी। धोनी ने तीसरी गेंद पर जो नो बॉल भी थी, उस पर छक्का लगाया। अगली गेंद पर दो रन लिए। लेकिन अभी तो उस गलती की हैट्रिक बाकी थी। धोनी ने ओवर की चौथी गेंद पर लॉन्गऑफ पर शॉट खेला। एक रन आसानी से बन सकता था। लेकिन धोनी को शायद ड्वेन ब्रावो की काबिलियत पर भरोसा नहीं था। उन्होंने इस बार भी रन नहीं लिया। मैच हाथ से निकलते देख उन्होंने ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लिया, लेकिन तब तक शायद देर हो चुकी थी। वे एक-एक करके तीन रन ठुकरा चुके थे।

पांच गेंदों पर 24 रन बनाकर भी हारे

अब मैच एक तरफा लग रहा था। आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 26 रन बनाने थे। गेंदबाजी की कमान अनुभवी उमेश यादव के हाथों में थी। धोनी ने इस ओवर की शुरुआती पांच गेंदों पर ही 24 रन ठोक दिए जिसमें 3 छक्के, एक चौका और एक डबल शामिल था। इस तरह चेन्नई को आखिरी गेंद पर जीत के लिए दो रन बनाने थे। बुरी तरह पिटाई खाने वाले उमेश यादव ने इस बार ऑफ स्टंप के बाहर लेंथ बॉल की। धोनी इसे छू भी नहीं सके और इस तरह चेन्नई एक रन से हार गया। जिसके बाद लोगों ने हार का ठिकरा धोनी के सिर पर फोड़ दिया। अगर धोनी तीन सिंगल ले लेते तो चेन्नई की जीत पक्की थी।