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बदमाशों में नैनीताल पुलिस का खौफ खत्म, अब फिर सामने आई एक बड़ी वारदात

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नैनीताल पुलिस का खौफ लोगो में मानों खत्म होता जा रहा है। मामूली विवाद में लोग एक दूसरे के खून के प्यासे बनते जा रहे है। हालहीं में रामनगर में एक बगीजे के गार्ड ने पानी को लेकर हुए विवाद में पड़ोस में रहने वाले मां बेटे को डंडे से मार-मार कर मौत के खाट उतार दिया था। जिसकी दहसत से पूरा क्षेत्र बाहर भी नहीं आया था कि एक टेंट के गोदाम में घुसकर एक युवक ने अपने ही परिचित इलेक्ट्रिशियन को गले में चाकू मारकर लहूलुहान कर फरार हो गया। जिसकी सूचना टेंट हाऊस के मालिक ने पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने घायल को संयुक्त चिकित्सालय भेजा। हालत नाजुक होने पर उसे काशीपुर रेफर कर दिया गया। पूरी घटना रामनगर के रानीखेत रोड में स्थित श्याम टेंट हाऊस की है।

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बहस से शुरू हुए विवाद

जानकारी मुताबिक टेंट हाऊस में मोहल्ला इंद्रा कॉलोनी निवासी मुकेश कश्यप (30) इलेक्ट्रिशियन का काम करता है, जबकि ग्राम टेड़ा निवासी बॉबी नेगी भी पहले श्याम टेंट हाऊस में वाहन चालक का काम करता था। कुछ समय से वह पीरूमदारा स्थित टेंट हाऊस में काम करने लगा था। सोमवार को बॉबी श्याम टेंट हाऊस के गोदाम में पहुंचा। वह मुकेश से बातचीत कर रहा था। इस बीच अचानक उनमें बहस होने लगी। बहस इतनी बड़ गई कि बॉबी ने मुकेश पर चाकू से वार कर दिया। चाकू मुकेश के गले में लग गया, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपित बॉबी दूसरे रास्ते से फरार हो गया। कुछ देर बाद टेंट हाऊस मालिक पहुंचा तो उसने उसे खून से लथपथ देखा। आनन-फानन में पुलिस पहुंची तो घायल को चिकित्सालय ले जाया गया।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

कोतवाल रवि सैनी ने टेंट हाऊस मालिक व आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपित को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम भेजी गई है। पीरूमदारा चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा ने भी क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाकर आरोपित की तलाश शुरू कर दी। कोतवाल ने बताया कि घायल की हालत गंभीर बनी है। उसके ठीक होने के बाद ही वारदात की वजह पता चल पाएगी। आरोपित की तलाश चल रही है। बता दें कि पुलिस के डर से बेखौफ ये बदमाश आयें दिन इस तरह की खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे है। हालाकिं पुलिस द्वारा कार्यवाई इन बदमाशों को पकड़ा भी जाता है। लेकिन इस तरह की घटना ये साफ दिखा रही है कि लोगो में पुलिस का कितना खौफ बचा है।