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अद्भुद रहस्य : कैलाश पर्वत क्यों है अजेय, शास्त्रों में लिखी बात जिसे जानकर आप रह जाएंगे हैरान..

पिथौरागढ़-न्यूज टुडे नेटवर्क : कैलाश पर्वत की छटा कैसी अनुपम है इससे सभी वाकिफ हैं, कैलाश केवल भारतीयों का ही नहीं कई देशो में पूजनीय पर्वत है जिसका सभी सम्मान करते है। कैलास पर्वत अजेय है इस पर आज तक कोई चढ़ नहीं पाया है और तो और किसी भी देश की सरकार ने इसपर चढऩे की भी अनुमति नहीं दी है। कई लोगो ने चढऩे की कोशिश तो की, लेकिन कैलाश के चमत्कार देख कई रास्ते से लौट गए, तो कई लोग अपनी जान गंवा बैठे। सूर्य की पहली किरण से ही सोने के रंग मर रंग जाता है कैलास पर्वत तो सर्दियों में इस पर अपने आप उकरने वाला ऊँ भी श्रद्धालुओं के मन को छू लेता है। लेकिन क्या आप जानते है की कोई भी आज तक इस पर्वत पर चाह कर भी नहीं चढ़ पाया है।

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जानिए, क्या लिखा है स्कन्द पुराण में

  • जो तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर जाते है उनके अनुभव बताते है की उन्हें वहां पर उन्हें शिव की दिव्य शक्ति का होने का एहसास होता है। जो लोग आस्तिक हैं, वे अनुभवों को साझा करते हुए खुुशी के आंसुओ से सराबोर देखा गया है ऐसी महिमा है सिर्फ यात्रा भर की तो कैलाश की तो फिर बात ही क्या।
  • कैलास पर आने से पहले शिव जी गौ लोक में रहते है, उसके बाद वो सब कुछ श्री कृष्ण जी को संभलाकर कर यंहा आ गए। कैलाश के बारे में स्कन्द पुराण में कहा गया है और इसलिए शायद उसका रंग नीचेे से काला भी है। हलाहल विष पीते हुए कुछ जहर इस पर्वत पर भी गिर गया था जिसकी कारण ये जहरीला हो गया।
  • यह पर्वत बर्फ से ढका हुआ है इसलिए कैलाश पर कुछ जीव जंतु घूम पाते है इसलिए ही इसपर चढऩे वाले लोगो को बेहोशी होने लगती है और कई लोग चढऩे के प्रयास में मर भी चुके है। इसलिए आजतक कोई इसपे चढऩे में कामयाबी नहीं हो पाया है इस बौद्ध मोंक ने ऐसा किया था इसका दावा तिब्बत में होता है।
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