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नई दिल्ली- अपूर्वा के इस बयान ने “रोहित मर्डर मिस्ट्री” को दिया नया मोड़, पुलिस के सामने आई अब ये नई चुनौती

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर का मर्डर केस की गुत्थी सुलझते ही और उलझ गई है। केस को सुलझाने का काफी हद तक दावा करने वाली दिल्ली पुलिस की परेशानी अपूर्वा के एक बयान से बढ़ गई है। रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला के एक बयान से इस केस में नया ट्विस्ट आता दिख रहा है। आपको बता दें कि अपूर्वा शुक्ला पेशे से सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं। पुलिस के मुताबिक, रोहित शेखर की हत्या अपूर्वा ने ही की है। उसके मुताबिक, उसे मिले सुबूत भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं, जिसके आधार पर अपूर्वा को गिरफ्तार किया गया। अपूर्वा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कल साकेत कोर्ट में उसे पेश किया। जहां अपूर्वा ने अपना बयान दर्ज कराया और उसमें कबूला कि रोहित शेखर की हत्या उसी के हाथों से हुई है।

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इस बयान से बड़ी पुलिस की मुश्किलें

कोर्ट में दिए अपने बयान में अपूर्वा ने बताया कि ‘उत्तराखंड से लौटने के बाद रोहित और उसके बीच काफी झगड़ा हुआ था। इसी बीच कुछ ऐसे हालात बने कि रोहित का गला दब गया, जिससे उसका दम घुट गया। अपूर्वा की तरफ से यह बयान देते ही पुलिस और सीबीआई की फॉरेंसिक टीम द्वारा अब तक जुटाए सारे सुबूत धरे के धरे रह गए। क्योंकि जिस केस को पुलिस धारा 302 हत्या साबित करने में जुटी हुई थी अपूर्वा ने उसे धारा 304 गैरइरादतन हत्या की ओर मोड़ दिया है।

क्या कहना है दिग्गजों का

खबरों के अनुसार मामले में रिटायर्ड जज के मुताबिक ‘अब पुलिस के सामने नया लक्ष्य यह है कि वो इसे इरादतन हत्या साबित करने के साथ ही हत्या का मकसद भी कोर्ट के सामने सुबूतों के साथ पेश करे, क्योंकि पुलिस कुछ सुबूतों के साथ ये तो साबित करने में कामयाब रही है कि ये हत्या अपूर्वा ने की है। अब तो खुद अपूर्वा ने भी जुर्म कुबूल कर लिया है। इस तरह के केस में अक्सर होता ही ये है कि आप कुछ सुबूत जुटाकर हत्या तो साबित कर देते हैं, लेकिन जब आरोपी खुद जुर्म कुबूल कर ले और उसे गैरइरादतन हत्या साबित करने पर आ जाए तो पुलिस की मुश्किलें बढ़ ही जाती हैं। हालांकि आसान अपूर्वा के लिए भी नहीं है। इसके के अलावा रोहित नशे में भी था। ऐसे में ये साबित करना भी बहुत मुश्किल होगा कि हत्या करने का आपका कोई इरादा नहीं था। अगर कोर्ट में ये साबित हो जाता है कि ये गैरइरादतन हत्या है तो अपूर्वा को 2-3 साल से ज्यादा की सजा नहीं हो पाएगी। दूसरी ओर जांच टीम का ये बयान की ये हत्या सुनियोजित नहीं थी अपूर्वा के बयान को और मजबूती देता है।”