हल्द्वानी-आम्रपाली में हुआ आवाहन 2019 अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन, ऐसे मिलेगा युवाओं को रोजगार का मौका

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- कुमाऊं अंचल के अग्रणी व्यवसायिक शिक्षण संस्थान आम्रपाली में होटल प्रंबधन विभाग द्वारा आतिथ्य एवं पर्यटन विषय पर छठवें अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आवाहन 2019‘ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का सम्वयन महेन्द्र सिंह नेगी ने पंकज पण्डे के सहयोग से किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौरियाल ने दीप प्रज्जवलन कर किया। उन्होंने आतिथ्य एवं पर्यटन के भविष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते परिवेश में तकनीकी बदलाव को समझने के साथ-साथ उसको अपने जीवन एवं कार्यक्षेत्र में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आतिथ्य उद्योग में तकनीकी उपयोग दिन प्रतिदिन विकसित हो रहा है और इसके साथ ही तकनीकी कौशल प्राप्त युवाओं की मांग इस क्षेत्र में बहुत तेजी से बढ़ रही है। विवि को बढ़ते तकनीक के अनुसार कोर्स करिकुलम को भी तकनीकी रूप से विकसित करने की आवश्यकता है। प्रो. नौरियाल द्वारा आतिथ्य एंव पर्यटन के क्षेत्र के विशेषज्ञों को इस क्षेत्र में दिये गये उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

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पीयर रीव्यू पत्रिका का विमोचन

विशिष्ट अतिथि उतारा विश्वविद्यालय मलेशिया की प्रो. अजीला कासिम ने आतिथ्य एवं सर्विस उ़द्योग में भविष्य में उपयोग होने वाली रोबोट तकनीक की चर्चा की एवं डिजिटल लिटरेसी एवं सोशल मीडिया प्रभावों का विस्तृत उल्लेख किया। दूसरे विशिष्ट अतिथि एचएनबी गढ़वाल के प्रो. एसके. गुप्ता ने आतिथ्य एवं पर्यटन उद्योग में नौकरियों की संभवना, उन्नति एंव विकास पर प्रकाश डाला। होटल अशोक नई दिल्ली की भूतपूर्व जनरल मैनेजर प्रो. सुधा चन्द्रा, जीआईएचएम देहरादून के भूतपूर्व प्रधानाचार्य प्रो. आरसी पाण्डे,, आईएमएस यूनीसन विश्वविद्यालय देहरादून के अधिष्ठाता डा. विनय राणा, यूआईएचटीएम विश्वविद्यालय पंजाब के सहायक प्राध्यापक डा. नीरज अग्रवाल, यूओयू के जटाशंकर तिवारी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर के सहायक प्राध्यापक डा. रामजीत आदि ने तकनीकी सत्र में अपने अनुभवों को साझा किया। साथ ही उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा आहवान के पीयर रीव्यू पत्रिका का विमोचन भी किया गया।

 शिक्षा की तैयारियां पर की चर्चा

आवाहन 2019 के आयोजक सचिव प्रो. प्रशांत शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य विषय ’’चौथी औद्योगिक क्रांति का आतिथ्य एवं पर्यटन उद्योग पर प्रभाव एवं संबधित विषय पर शिक्षा की तैयारियां’’ रहा। साथ ही आतिथ्य उद्योग में तकनीकी विकास, मानव संसाधन पर इसके प्रभाव, विभिन्न होटल समूह एवं उनके रिजर्वेशन, भाषा बाधांए, ओयो, मेक माई ट्रिप, यात्रा, गो आईबीबी आदि कंपनियों की आतिथ्य उद्योग में सहभागिता, आदि विषयों पर परिचर्चा की गई। दुनिया भर से आये हुए विचारकों ने महिलाओं की आतिथ्य उद्योग में सहभागिता, पर्यटन स्थल के वातावरण एवं सुविधाओं पर होस्ट कम्युनिटी की समझ, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर स्थित होटलों में उपयोगित पर्यावरण संरक्षण संबंधी पॉलिसी, पर्यटन उद्योग में उपयोगिता विपणन तकनीक, बनारस में पर्यटक संतुष्टि एयर बीएनवी का होटल उद्योग पर प्रभाव, अवध रीजन में पर्यटक संतुष्टि इत्यादि विषयों पर अपने विचार रखें।

माऊं में उद्यामिता के विकास की संभावनाएं

सम्मेलन में जसलीन चटवाल, डा. अशोक कुमार, आशीष टम्टा, डा. रामजीत, तृप्ति सिंह नेगी, श्रीदेवी नायर, जोश एन्टोनी, सुजॉय विक्रम सिंह, डा. वन्दना गोयल, डा. जटाशंकर तिवारी शैरी अब्राहम, सचिन ढोंडियाल और अमित काला सहित कई अन्य शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये। पैनल डिस्कशन में प्रो. निमित चौधरी, प्रो. सुधा चन्द्रा, प्रो. प्रान्शु चौम्पले, डा. नीरज अग्रवाल, डा. रामजीत, शैफ तनुज नायर एवं शैफ राहुल वाली ने हिस्सा लिया। संस्थान के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रो. एसके सिंह के संचालन में हुई इस परिचर्चा में आतिथ्य व्यवसाय में महिलाओं की भूमिका, कार्यक्षेत्र में कार्यकुशलता एवं शैक्षिक विकास, आतिथ्य एवं पर्यटन उद्योग में शोध की आवश्यकता, बदलते तकनीकी परिवेश में कोर्स करिकुलम में बदलाव की आवश्यकता एवं उनके प्रभाव, उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन तैयार करने की जरूरत, बदलती तकनीक के अनुसार शिक्षण के तरीकों में बदलाव की आवश्यकता, आतिथ्य उद्योग का विद्यार्थियों की कार्यकुश्लता में रिक्त स्थान को भरने में सहयोग, सोशल मीडिया का विद्यार्थियों की कार्यकुशलता बढ़ाने में उपयोग, पर्यटन उद्योग में बढ़ती डोमेस्टिक मार्केट की आवश्यकताओं के अनुसार किये जा रहे बदलाव, आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। पैनल के सदस्यों ने कुमाऊं में उद्यामिता के विकास की संभवनाओं को उजागर करते हुऐ विद्यार्थियों का आवाहन किया।

संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को करेगा कार्य- डा. सिंह

वही दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए फूड एण्ड बेवरेज सर्विस एवं कुलिनरी कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया जिसमें एक्सर्पट प्रशांत रवालिया एंव मनीष सती ने विद्यार्थियों को होम मेड सिरप और हेल्दी मॉकटेल ड्रिंक्स बनाने सिखाए। कुलनरी कार्यशाला के विद्यार्थियों ने अवधी एवं काश्मीरी कुजीन की जानकारी प्राप्त की एवं दम मुर्ग, कश्मीरी फिरनी, दम आलू कश्मीरी, अवधी बिरयानी इत्यादि बनाना सीखे। आम्रपाली होटल प्रंबधन संस्थान के मुख्य परिचालन अधिकारी डा. एसके सिंह ने संस्थान की आयोजक टीम और विद्यार्थियों को इस दो दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आम्रपाली संस्थान दुनिया भर के देशों से इसी तरह विशेषज्ञों को विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए निमंत्रित करता रहेगा। संस्थान भारत के अन्य उत्कृष्ट संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता परक कार्य और विद्यार्थियों की कार्यकुशलता के लिए कार्य करेगा जिससे उत्तराखंण्ड के विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके।

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