उत्तराखंड में यूटीयू का पेपर लीक, यह सहायक प्रोफेसर बर्खास्त, दर्ज होगा मुकदमा, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा
 

 

देहरादून - उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में सम सेमेस्टर परीक्षा 2025-26 के दौरान पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो विषयों की परीक्षाएं रद्द करते हुए दोषी पाए गए सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विश्वविद्यालय ने Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) और Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इन दोनों विषयों की पुनः परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

विश्वविद्यालय की ओर से 22 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, एक विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की। संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच में भी प्रकरण की जांच की गई।

जांच में सामने आया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून के सहायक प्रोफेसर और बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता (External Paper Setter) आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर परीक्षा से संबंधित समान प्रश्न साझा किए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना।

जांच में यह भी पाया गया कि Electromagnetic Field Theory (ECT043) का प्रश्नपत्र भी उन्हीं के द्वारा तैयार किया गया था। प्रश्नपत्र की गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय ने इस विषय की परीक्षा भी रद्द करने का निर्णय लिया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को अगले सात वर्षों तक सभी परीक्षा गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही संबंधित संस्थान को परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आते ही संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनका इंक्रीमेंट रोक दिया गया था। संयुक्त जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी राय ली जा रही है। जल्द ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।