उत्तराखंड - ट्रैवल कारोबारी ने RTO इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस में किया बंद, हर महीने मोटी रिश्वत लेने के लगे आरोप

 

देहरादून - राजधानी देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र से परिवहन विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ट्रैवल कारोबारी ने परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस में शटर बंद कर करीब एक घंटे तक कथित रूप से कैद कर लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला चर्चा का विषय बन गया। ट्रैवल व्यवसायी ने इंस्पेक्टर पर हर महीने रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि परिवहन इंस्पेक्टर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

हर महीने मांगे जाते थे 8 हजार रुपये - 
जानकारी के अनुसार हर्रावाला चौकी क्षेत्र में संचालित एक ट्रैवल व्यवसायी ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग का संबंधित इंस्पेक्टर हर महीने उससे चार गाड़ियों के 8 हजार रुपये की रिश्वत लेने आता था। व्यवसायी का कहना है कि लंबे समय से कथित वसूली से परेशान होकर उसने इंस्पेक्टर को ऑफिस के अंदर बंद कर दिया, ताकि मामला सार्वजनिक हो सके। घटना के दौरान ऑफिस का शटर बाहर से बंद कर दिया गया, जिसके बाद इंस्पेक्टर करीब एक घंटे तक अंदर ही मौजूद रहा।

इंस्पेक्टर बोले- मैं तो रस मलाई खाने गया था - 
वहीं परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि वह मौके पर किसी वसूली के लिए नहीं गए थे, बल्कि लघु शौच के लिए वहां रुके थे। इसी दौरान ट्रैवल कारोबारी ने उन्हें अंदर बुलाकर रस मलाई खाने के लिए कहा। इंस्पेक्टर के मुताबिक वह अंदर बैठकर रस मलाई खा रहे थे, तभी कारोबारी ने बाहर से शटर बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैवल व्यवसायी उन्हें पहले से जानता है, लेकिन अचानक इस तरह बंद क्यों किया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

मामले ने पकड़ा तूल, जांच की चर्चा तेज - 
घटना के बाद परिवहन विभाग और स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिश्वतखोरी के आरोप और सरकारी अधिकारी को ऑफिस में बंद करने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक मामले में किसी आधिकारिक जांच या मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मामला - 
देहरादून का यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर कथित दबाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं कुछ लोग सरकारी अधिकारी को बंधक बनाने जैसी घटना को कानून व्यवस्था के लिए गंभीर मान रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है, मामले की जांच की जा रही है सत्यता आने के बाद आरोपियों पर सख्त कार्यवाही होगी।