उत्तराखण्ड - खनन विभाग का डंका, India’s Honest Independent अवार्ड से नवाजे जायेंगे खनन निदेशक राजपाल लेघा

 

देहरादून - उत्तराखण्ड के खनन विभाग को पारदर्शी तरह से संचालित होने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। विभाग की दो प्रमुख डिजिटल पहल—MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर प्रणाली—का चयन 106वें SKOCH समिट में “India’s Honest Independent Honour” के लिए किया गया है। यह सम्मान देश में पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक सुधारों के लिए दिया जाता है। आगामी 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में खनन निदेशक राजपाल लेघा और खनन सचिव ब्रजेश संत पुरस्कार ग्रहण करेंगे।


क्या है MDTSS? - 
MDTSS एक डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से खनिजों के परिवहन की ऑनलाइन निगरानी की जाती है। इससे खदान से लेकर गंतव्य तक ट्रकों की ट्रैकिंग, ई-रवन्ना से समन्वय, ओवरलोडिंग की जांच और राजस्व की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हुई है। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगी है तथा राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा ई-रवन्ना प्रणाली में विशेष सुरक्षा फीचर युक्त कागज का उपयोग शुरू किया गया है। इसमें QR कोड, वॉटरमार्क और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिससे फर्जी रवन्ना बनाना लगभग असंभव हो गया है।


विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और तकनीक-आधारित शासन के विज़न का परिणाम है। MDTSS और ई-रवन्ना प्लेटफॉर्म की परिकल्पना से लेकर क्रियान्वयन तक शासन का सतत मार्गदर्शन निर्णायक रहा। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान उत्तराखण्ड की डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था का प्रतीक बन गया है।