उत्तराखंड - बदरीनाथ मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस विधायक ने शुरू किया मौन उपवास
उत्तराखंड - अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद के बीच अब चमोली जिले में बदरीनाथ धाम में कथित गबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और स्थानीय लोगों व विभिन्न संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। हरिद्वार से भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर कथित चढ़ावा दान चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मौन व्रत किया। करीब एक घंटे तक चले इस मौन व्रत में ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
मंदिर सिंह द्वार पर किया मौन व्रत -
बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखपत बुटोला ने मंदिर सिंह द्वार के बाहर परिसर में मौन व्रत कर बीकेटीसी प्रशासन और सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह केवल धनराशि से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और विश्वास से जुड़ा विषय है। विधायक ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक या एसआईटी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जोशीमठ में भी हुआ प्रदर्शन -
इससे पहले सोमवार को जोशीमठ के मुख्य चौराहे पर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पद से हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
बीकेटीसी ने गठित की चार सदस्यीय जांच समिति -
मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इसके अलावा गणना प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। बदरीनाथ मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का आरोप भैरव सेना नामक संगठन ने लगाया है। संगठन ने बीकेटीसी के कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि में आर्थिक हेराफेरी का आरोप लगाया है। हालांकि मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी मांगी जांच -
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर मामलों की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मंदिरों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध जारी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बीकेटीसी अध्यक्ष बोले, दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा -
इस पूरे मामले पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखना समिति की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और कोई भी दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।