उत्तराखंड कैबिनेट बैठक हुई संपन्न, हाइड्रोजन नीति 2026 को मिली मंजूरी, पढ़िए धामी मंत्रिमंडल के अन्य अहम निर्णय

 

देहरादून - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए की गई। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने दिवंगत नेता की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

स्वास्थ्य कर्मियों को तबादले में राहत - 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिन्होंने पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें आपसी सहमति के आधार पर उसी जनपद में तबादले का अवसर दिया जाएगा।

भूमि खरीद के नियमों में बदलाव - 
राजस्व विभाग से जुड़े निर्णय में कैबिनेट ने सहमति दी कि अब आपसी समझौते के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बिना सीधे भूमि स्वामियों से जमीन खरीदी जा सकेगी।

पराग फार्म की जमीन पर निर्णय - 
कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि पराग फार्म की जो जमीन सिडकुल को दी गई है, उसे आगे किसी अन्य को बेचा या पट्टे पर नहीं दिया जाएगा। हालांकि सिडकुल को सब-लीज देने का अधिकार रहेगा।

जनजाति कल्याण विभाग में नए पद - 
जनजाति कल्याण विभाग में देहरादून, उधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पदों को मंजूरी दी गई।

भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर शुल्क - 
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि उत्तराखंड में गैर-कृषि कार्यों को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटी में जल मूल्य प्रभार लगाया जाएगा। साथ ही भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर भी शुल्क देना होगा।

उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन - 
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत जीआरडी संस्थान को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। इस संबंध में आगामी बजट सत्र में अध्यादेश विधानसभा में लाया जाएगा।

हवाई पट्टियों को रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति
चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर कैबिनेट ने सहमति दी है। ये हवाई पट्टियां संयुक्त रूप से संचालित की जाएंगी।

ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा - 
राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति–2026 को मंजूरी दी गई। नीति के तहत दी जाने वाली सब्सिडी पर अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा लिया जाएगा।