उत्तराखंड - पीएम आवास योजना के तहत 15 हजार परिवारों को मिलेगी छत, जानिए इन जगहों पर बन रहे हैं घर 

 

देहरादून - प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत उत्तराखंड में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पक्के घर का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। प्रदेश में योजना के तहत चल रही 18 आवासीय परियोजनाओं में 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 12,948 यानी करीब 84 फीसदी आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने का है।

30 सितंबर तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश -
आवास विभाग ने लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 30 सितंबर की समय सीमा तय की है। कार्यदायी संस्थाओं को सभी लंबित आवासीय परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत अब तक 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी हैं। इन लाभार्थियों में रुड़की के 768 और हरिद्वार के 503 परिवार शामिल हैं।

ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक आवास
पीएमएवाई-यू के तहत सबसे अधिक 10,200 आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए जा रहे हैं। जिले की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में निर्माण की स्थिति इस प्रकार है—

रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम में 1,872 आवास तैयार हो चुके हैं।
भवानीपुर (जसपुर) में 1,264 आवास।
उकरौली-1 (सितारगंज) में 1,168 आवास।
उकरौली-2 में 864 आवास।
कनकपुर (काशीपुर) में 1,256 आवास।
मटकोटा (रुद्रपुर) में 928 आवास।
श्यामनगर (गदरपुर) में 928 आवास।
महुवाखेड़ागंज में 824 आवास।
मानपुर (काशीपुर) में 512 आवास।
गंगापुर गोसाल में 584 आवास बनाए जा रहे हैं।
हरिद्वार में 4,528 आवास निर्माणाधीन
हरिद्वार जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें मंगलौर में 544, झब्बरपुर में 448, अन्नेखी में 1,152, बेल्दी में 1,088, शिकारपुर में 768 और इंद्रलोक आवासीय योजना में 528 आवास शामिल हैं।

नैनीताल और देहरादून में भी काम जारी - 
नैनीताल जिले के उम्मेदनगर (रामनगर) में योजना के तहत सभी 528 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं देहरादून की धौलास हाउसिंग स्कीम में 240 आवासों में से 180 का निर्माण पूरा हो गया है। सचिव आवास आर. राजेश कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार को अपना घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि राज्य की हिस्सेदारी बढ़ने से पात्र परिवारों को आवास निर्माण में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में भी मदद मिलेगी।