उत्तराखंड - पीएम मोदी फिर आएंगे देवभूमि, यहां पीएसपी हाइड्रो परियोजना का करेंगे लोकार्पण, उत्तर भारत को मिलेगा बड़ा लाभ 

 

उत्तराखंड - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर उत्तराखंड दौरे पर आने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री इसी माह टिहरी पहुंच सकते हैं, जहां वे देश को करीब 8 हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे THDC India Limited की टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना की चौथी यूनिट का औपचारिक लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही यह परियोजना एशिया की सबसे बड़ी पीएसपी जल विद्युत परियोजना बन जाएगी।

तैयारियों में जुटा प्रशासन - 
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर टिहरी जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। बुधवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। गुरुवार को डीएम परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे और प्रगति रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भी इस परियोजना के लोकार्पण की योजना बनाई गई थी, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री स्वयं टिहरी पहुंचकर इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

उत्तर भारत को मिलेगा बड़ा लाभ - 
परियोजना के पूर्ण संचालन से उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार पीएसपी तकनीक भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

परियोजना की खास बातें - 
परियोजना का विकास THDC India Limited द्वारा किया गया है।
कुल स्थापित क्षमता: 1000 मेगावाट
250-250 मेगावाट की चार यूनिटें स्थापित
तीन यूनिटों का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है
चौथी यूनिट शुरू होने के साथ परियोजना पूरी तरह संचालित हो जाएगी
क्या है पंप स्टोरेज प्लांट?

पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) आधुनिक जल विद्युत तकनीक पर आधारित प्रणाली है। इसमें अतिरिक्त बिजली का उपयोग कर पानी को ऊंचाई वाले जलाशय तक पंप किया जाता है। जब बिजली की मांग बढ़ती है, तब उसी पानी को नीचे छोड़कर टरबाइन चलाए जाते हैं और बिजली पैदा की जाती है। इससे बिजली ग्रिड का संतुलन बनाए रखने और पीक डिमांड के समय अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।