देहरादून - सीएम धामी से मिले पैरामेडिकल छात्र, इंटर्नशिप स्टाइपेंड समेत रखीं कई मांगें

 

 

देहरादून - राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत पैरामेडिकल छात्रों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। छात्रों ने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड देने के साथ छात्रावास, पुस्तकालय, यातायात और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। छात्रों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पैरामेडिकल पाठ्यक्रम के तहत अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होती है, लेकिन वर्तमान में इंटर्नशिप के दौरान उन्हें किसी तरह का स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड में पहले संचालित पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड की व्यवस्था थी। कोरोना काल के बाद पाठ्यक्रम दोबारा शुरू होने के बाद यह सुविधा नहीं मिल रही है।

छात्रों ने इंटर्नशिप के दौरान न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इसके अलावा पर्याप्त छात्रावास और सुविधायुक्त पुस्तकालय उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। छात्रों ने कहा कि मेडिकल छात्रों की तर्ज पर पैरामेडिकल विद्यार्थियों के लिए भी पर्याप्त बस और यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। फीस को लेकर भी छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखी। छात्रों के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत होने के बावजूद उनसे प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये फीस ली जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इससे पहले 18 सितंबर को राज्य दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी पहुंचे थे। उन्होंने पैरामेडिकल छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इसके बाद छात्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई गई। 19 सितंबर को मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात में छात्रों ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। पैरामेडिकल छात्र स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अस्पतालों में रक्त और अन्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी जांच सेवाओं तथा ऑपरेशन थिएटर में चिकित्सकों को सहयोग देने में उनकी अहम भूमिका रहती है।