‘’देहरादून- ग्राफ़िक एरा मेडिकल कॉलेज में MBBS का नया सत्र शुरू, चेयरमैन बोले सफलता का रास्ता कठनाईयों के बाद मिलता हैं’’

 

देहरादून -( जिया सती ) 30 सितम्बर | ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज का नया शैक्षणिक सत्र इंडक्शन प्रोग्राम के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर देशभर से आए नवनियुक्त एमबीबीएस छात्रों का स्वागत किया गया और उन्हें चिकित्सा पेशे के आदर्श, अनुशासन तथा मानवीय मूल्यों की महत्ता से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में केवल धन का ही निवेश नहीं होता, बल्कि उनके माता-पिता के सपने भी जुड़े होते हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम करना चाहिए।

अपने संबोधन में डॉ. घनशाला ने छात्रों को समझाया कि हर पीढ़ी का परिश्रम परिवार की स्थिति को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष और चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, लेकिन अनुशासन और मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और यही सफलता और खुशी की कुंजी है।

उन्होंने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की यात्रा भी साझा की। वर्ष 2017 से 2023 तक की चुनौतियों और उपलब्धियों को उन्होंने चित्रों के माध्यम से छात्रों को दिखाया। साथ ही, उन्होंने छात्रों को नियमित रूप से कक्षाओं और प्रयोगशालाओं में उपस्थित रहने तथा सड़क दुर्घटनाओं, नशे और अवांछित साइबर गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. घनशाला ने अपने व्यक्तित्व का एक अलग पहलू भी प्रस्तुत किया। उन्होंने गीत के माध्यम से छात्रों और उनके अभिभावकों को संदेश दिया कि संघर्षों के बावजूद रुकना नहीं चाहिए और कठिनाइयों को पार करके ही सफलता और खुशियां मिलती हैं।

इंडक्शन प्रोग्राम में अस्पताल के निदेशक डॉ. पुनीत त्यागी ने छात्रों को अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिना सर्जरी हार्ट वॉल्व बदलने की तकनीक (टावी) में ग्राफिक एरा अस्पताल अग्रणी है और इसे उत्तर भारत का केंद्र माना गया है। 

उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि मेडिकल शिक्षा बेहद कठिन है और इसमें सफलता के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है।यह ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस का दूसरा बैच है। 

कार्यक्रम में डीन डॉ. एस. एल. जेठानी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गुरदीप सिंह झीते और अन्य विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। संचालन श्री आदित्य अग्निहोत्री ने किया, जिन्होंने डॉ. कमल घनशाला के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अंत में नए छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया।