उत्तराखंड - राज्य में जल्द लागू होगी नई ईवी नीति, महिलाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन और चार्जिंग स्टेशनों इतने प्रतिशत तक सब्सिडी
देहरादून - उत्तराखंड सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी नीति को अंतिम रूप देने में जुटी है। उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई इस नीति का वित्त विभाग परीक्षण कर चुका है और अब परिवहन विभाग से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए जल्द पेश किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स में पूरी छूट देने की तैयारी है। इसके साथ ही महिलाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान रखा गया है, ताकि राज्य में महिला उपभोक्ताओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी ईवी-अनुकूल पर्वतीय राज्य बनाना है। इसके लिए दोपहिया, चारपहिया, सार्वजनिक परिवहन, व्यावसायिक वाहनों और लास्ट माइल डिलीवरी सेवाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
नई नीति में चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। मैदानी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर निवेश लागत का 80 प्रतिशत और पर्वतीय क्षेत्रों में 90 प्रतिशत तक प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा उच्च क्षमता वाले चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने पर भी आर्थिक सहायता देने की योजना है। राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 50 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ईवी चालकों को निर्बाध और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके।
सरकार को उम्मीद है कि इस नई नीति से राज्य में बड़े निवेश आकर्षित होंगे और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग से जुड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य को मजबूती मिलेगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नीति के विभिन्न प्रावधानों का गहन अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम सुझाव सरकार को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर नीति लागू कर दी जाएगी।