नैनीताल - ज्योलीकोट दूषित पेयजल प्रकरण और दो मौतों के बाद हुआ बड़ा एक्शन, छह अधिकारी हुए निलंबित 
 

 

हल्द्वानी/नैनीताल - ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के बाद डायरिया संक्रमण के सामने आए मामलों को लेकर उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों विभागों ने प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप में कुल छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेशों में जल स्रोतों की सफाई, पेयजल गुणवत्ता की जांच तथा प्रभावित क्षेत्रों में समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया गया है।

उत्तराखंड जल संस्थान की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत और अपर सहायक अभियंता रविंद्र को निलंबित किया गया है। अधिकारियों पर ज्योलीकोट क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था से संबंधित कार्यों में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप हैं।

 

 

इसी मामले में पेयजल निगम स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्य और कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय आदेशों में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता की निगरानी और प्रभावित क्षेत्र में समय से कार्रवाई को लेकर जिम्मेदारी तय की गई है।

नंद किशोर को हल्द्वानी की जिम्मेदारी - 
अधिकारियों के निलंबन के बीच उत्तराखंड जल संस्थान ने अधीक्षण अभियंता नंद किशोर को अधीक्षण अभियंता, उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के पद पर तैनात किया है। आदेश के मुताबिक नंद किशोर अपने वर्तमान पद के कार्यों के साथ लालकुआं क्षेत्र के अधिशासी अभियंता के कार्यों का भी निर्वहन करेंगे। यह व्यवस्था नियमित तैनाती होने तक प्रभावी रहेगी।

ज्योलीकोट में दूषित पेयजल और डायरिया संक्रमण के मामले के बाद एक साथ कई अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को विभाग की ओर से जिम्मेदारी तय करने की महत्वपूर्ण कवायद माना जा रहा है। निलंबन के साथ ही हल्द्वानी में नई जिम्मेदारी सौंपे जाने से पेयजल व्यवस्था को सुचारु करने और प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी भी विभाग के सामने होगी।