नैनीताल - एलयूसीसी घोटाला, हाई कोर्ट ने सीबीआई से जांच रिपोर्ट मांगी, 800 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला
नैनीताल - प्रदेश के बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थेफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले की सुनवाई के दौरान उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को अब तक की जांच रिपोर्ट 18 मार्च को पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें एलयूसीसी कंपनी के संचालकों पर ऋषिकेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से स्थानीय एजेंटों के माध्यम से 800 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और कंपनी तथा उसके संचालकों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं, पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि लगभग 27 शिकायतकर्ताओं की एफआईआर अभी तक दर्ज नहीं हुई है, जिससे उनकी डूबी हुई रकम की वापसी में बाधा आ रही है। पीड़ितों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए जनहित याचिका दाखिल की है। अदालत ने कहा कि जिन लोगों की शिकायतें दर्ज नहीं हुई हैं, वे सीबीआई को अपनी शिकायत दें और धनराशि जमा करने के प्रमाण भी संलग्न करें।
बताया गया है कि इस घोटाले से जुड़े 13 मामले उत्तराखंड में और 70 मामले अन्य राज्यों में दर्ज हो चुके हैं। कंपनी ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों से बड़ी राशि एकत्र की और बाद में फरार हो गई। मामले को प्रदेश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है। अब सभी की नजरें हाई कोर्ट की अगली सुनवाई और सीबीआई की रिपोर्ट पर टिकी हैं।