नैनीताल - भू-कानून उल्लंघन पर हुई कार्रवाई, इतनी नाली भूमि राज्य सरकार ने की जब्त, SDM कोर्ट ने सुनाया फैसला 
 

 

 

नैनीताल-  जिले में भूमि के निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग नहीं किए जाने के मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। परगना मजिस्ट्रेट नैनीताल नवाजिश खलीक की अदालत ने सात मामलों में सुनवाई के बाद कुल 1.822 हेक्टेयर (91 नाली एक मुट्ठी) भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, संबंधित भूमि धार्मिक और कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई थी, लेकिन स्थलीय निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों की जांच में इसका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं पाया गया।

धार्मिक प्रयोजन की 1.562 हेक्टेयर भूमि का नहीं हुआ उपयोग - 
एसडीएम के अनुसार, ग्राम कमड़ा, पट्टी मल्ली कुटौली और ग्राम शीतला, पट्टी मल्ली कुटौली में विभिन्न व्यक्तियों द्वारा धार्मिक प्रयोजन के लिए कुल 1.562 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई थी। प्रशासन की स्थलीय जांच के दौरान इन भूमि पर कोई धार्मिक गतिविधि संचालित होती नहीं मिली। मौके पर भूमि खाली पड़ी हुई पाई गई। वहीं, ग्राम सतबूंगा, पट्टी सतबूंगा में कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई 0.260 हेक्टेयर भूमि पर भी कृषि कार्य नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान भूमि बंजर अवस्था में मिली।

पक्ष रखने का दिया गया अवसर - 
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक अभिलेख और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया। इसके बाद क्रय संबंधी अनुमति, राजस्व अभिलेख, अनुमति की शर्तों, उपलब्ध साक्ष्यों और स्थलीय जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में यह सामने आया कि जिन विशेष उद्देश्यों के आधार पर भूमि खरीदने की अनुमति दी गई थी, उनका पालन नहीं किया गया। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने सातों मामलों को विधि-विरुद्ध मानते हुए संबंधित 1.822 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुपालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने और भूमि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

भू-कानून उल्लंघन पर होगी कार्रवाई - 
डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य भूमि के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि भू-कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।