नैनीताल - आस्था और संस्कृति के रंग में रंगी सरोवर नगरी, 124वें नंदादेवी महोत्सव का आगाज

 

नैनीताल - सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार को 124वें मां नंदादेवी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। समारोह में नैनीताल सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, राज्यमंत्री दिनेश आर्या, राज्य मंत्री शांति मेहरा, डीएसए नैनीताल महासचिव मनोज जोशी सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया।


उद्घाटन समारोह के बाद स्थानीय कलाकारों ने मन्नू दा के निर्देशन में श्री गणेश वंदना और मां नंदा स्तुति गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। शाम चार बजे रामसेवक सभा प्रांगण से कदली वृक्ष लाने के लिए एक टीम मंगोली के लिए रवाना हुई।

 

समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि संस्कृति समाज को जन-जन से जोड़ने का कार्य करती है। मां नंदादेवी महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है।

विधायक सरिता आर्या ने मां नंदा की महिमा का वर्णन करते हुए महोत्सव को क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। वहीं प्रो. ललित तिवारी ने ‘नंदा’ शब्द की संस्कृत व्याख्या करते हुए इसे आनंद और खुशी प्रदान करने वाली देवी बताया।
महोत्सव की विशेषता मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक मूर्तियों का निर्माण भी है। इन मूर्तियों को कदली वृक्ष, हरे बांस, कपास और सूती कपड़े जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किया जाता है। लोक पारंपरिक कलाकार प्राकृतिक रंगों और आभूषणों का प्रयोग कर मूर्तियों को आकर्षक स्वरूप देते हैं।

महोत्सव के तहत कदली वृक्ष को नगर भ्रमण के बाद मां नयना देवी मंदिर परिसर में लाया जाएगा। इसके बाद मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। 19 सितंबर को ब्रह्ममुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही नैनीताल में चल रहे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।