‘’दिल्ली - India’s Honest Independent अवार्ड से नवाजे गए खनन निदेशक राजपाल लेघा, ऐसे बड़े सुधारो से बनाया प्रदेश में रिकॉर्ड ‘’
(रिपोर्टर - जिया सति) उत्तराखण्ड के खनन विभाग को पारदर्शी तरह से संचालित होने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। विभाग की दो प्रमुख डिजिटल पहल—MDTSS और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर प्रणाली पर SKOCH समिट में “India’s Honest Independent Honour” के लिए खनन निदेशक राजपाल लेघा को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश में पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक सुधारों के लिए दिया गया है। Skoch के चेयरमैन समीर कोचर ने कहा कि यह प्रदेश के रत्नो में सबसे प्रमुख अधिकारियो में से एक हैं
क्या है MDTSS? -
MDTSS एक डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से खनिजों के परिवहन की ऑनलाइन निगरानी की जाती है। इससे खदान से लेकर गंतव्य तक ट्रकों की ट्रैकिंग, ई-रवन्ना से समन्वय, ओवरलोडिंग की जांच और राजस्व की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हुई है। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगी है तथा राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 300 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ रूपये तक पहुंच गया हैं..
इसके अलावा ई-रवन्ना प्रणाली में विशेष सुरक्षा फीचर युक्त कागज का उपयोग शुरू किया गया है। इसमें QR कोड, वॉटरमार्क और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिससे फर्जी रवन्ना बनाना लगभग असंभव हो गया है।
खनन निदेशक राजपाल लेघा के अनुसार यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सचिव खनन ब्रजेश संत के दूरदर्शी नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और तकनीक-आधारित शासन के विज़न का परिणाम है। MDTSS और ई-रवन्ना प्लेटफॉर्म की परिकल्पना से लेकर क्रियान्वयन तक शासन का सतत मार्गदर्शन निर्णायक रहा। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान उत्तराखण्ड की डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था का प्रतीक बन गया है।