उत्तराखंड - दो घंटे की बारिश ने खोली कुमाऊं के इस शहर में ड्रेनेज सिस्टम की पोल, मुख्य बाजार समेत कई इलाके जलमग्न

 

उत्तराखंड - ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में मंगलवार को हुई करीब दो घंटे की बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के दावों की हकीकत सामने ला दी। बारिश के बाद शहर का मुख्य बाजार, बाटा चौक, डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क समेत कई प्रमुख इलाके पानी में डूब गए। सड़कों और दुकानों के बाहर घुटनों तक पानी भर जाने से व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण दुकानदारों को अपने सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी। स्थिति को देखते हुए व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा सुबह से ही व्यापारियों को सतर्क करते रहे। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे समय रहते दुकानें खोलकर सामान सुरक्षित स्थान पर रख लें, ताकि पानी दुकानों के अंदर पहुंचने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।

व्यापारियों ने तीन साल पहले हुई भारी बारिश के दौरान हुए नुकसान को याद करते हुए इस बार भी बड़े नुकसान की आशंका जताई। बारिश रुकने के बाद नगर निगम के कर्मचारी नालियों की सफाई और उनमें फंसे कचरे को हटाने में जुटे, लेकिन तब तक शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या पैदा हो चुकी थी।

पहली बारिश में ही खुली तैयारियों की पोल - 

व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने नगर निगम और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। उन्होंने कहा कि जब पूरा बाजार पानी से घिरा हुआ था, तब मौके पर न तो नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिए और न ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थितियों में व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं का समाधान कौन करेगा। उनका कहना था कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की जाती तो शहर को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

स्थायी समाधान की मांग, आंदोलन की चेतावनी - 

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले मानसून में हालात और गंभीर हो सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है और प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

रुद्रपुर नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने बताया कि नगर निगम की टीमें सभी नालों और नालियों की सफाई में जुटी हैं। जहां भी कचरा जमा हुआ है, वहां जेसीबी की मदद से उसे हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।