उत्तराखंड - हरीश रावत की यात्रा पर कांग्रेस में घमासान, प्रभारी सैलजा ने कार्यक्रम रोकने को कहा, आज हल्द्वानी पहुंचेंगे रावत
देहरादून - उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की राजनीतिक सक्रियता को लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। रावत की ओर से निकाली जा रही ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने आपत्ति जताई है। उन्होंने एक अक्टूबर को रावत को पत्र भेजकर कहा कि यात्रा के संबंध में न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से चर्चा की गई। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसे किसी समानांतर कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया।
सैलजा के पत्र के बाद कांग्रेस में संगठन और रावत की व्यक्तिगत राजनीतिक गतिविधियों के बीच समन्वय का मुद्दा चर्चा में आ गया है। पत्र में सैलजा ने रावत के हालिया कुछ बयानों का भी उल्लेख किया और कहा कि चुनाव के मद्देनजर पार्टी को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। वहीं सैलजा के पत्र के बाद भी हरीश रावत मानने को तैयार नहीं हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चकराता विधायक प्रीतम सिंह के साथ हल्द्वानी पहुंचने वाले हैं।
रावत की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। रावत की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंवाद और यात्रा कार्यक्रम जारी किए गए हैं। वहीं पार्टी संगठन भी अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी वजह से पार्टी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि इन व्यक्तिगत कार्यक्रमों का संगठनात्मक गतिविधियों के साथ किस तरह समन्वय किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले में कहा कि ऐसे विषय पार्टी फोरम पर चर्चा के लिए आएंगे और आपसी मंथन के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने हरीश रावत को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनकी रावत से मुलाकात हुई है और प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत भी हुई है।
उधर, पार्टी की आपत्ति के बाद भी रावत ने सोमवार को अपनी यात्रा जारी रखने का संकेत दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के लिए उनका संकल्प मजबूत है। उन्होंने यात्रा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की बात कही।
ऐसे में अब उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा सवाल संगठन के कार्यक्रमों और हरीश रावत की व्यक्तिगत राजनीतिक गतिविधियों के बीच तालमेल को लेकर है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस मुद्दे पर बातचीत और संगठनात्मक मंच पर चर्चा की बात कही जा रही है, जबकि रावत की यात्रा जारी रखने की घोषणा से मामला और चर्चा में आ गया है।