हल्द्वानी - शिवपुराण कथा के दौरान करंट लगने से पुरोहित की मौत, बचाने पहुंचे युवक भी झुलसे, मचा कोहराम
हल्द्वानी - शहर के गौजाजाली क्षेत्र में आयोजित शिवपुराण कथा के दौरान शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में युवा पुरोहित की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने का प्रयास करने वाला एक अन्य व्यक्ति भी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। घटना के बाद धार्मिक आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, तल्ली हल्द्वानी की श्रीपुरम कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय भुवन चंद्र पंत शनिवार को गौजाजाली स्थित दुर्गा कॉलोनी में जय दत्त भट्ट के आवास पर आयोजित शिवपुराण कथा में पूजा-अर्चना कराने पहुंचे थे। दोपहर करीब 1:30 बजे पूजा के दौरान वहां रखे कूलर में अचानक करंट फैल गया। जैसे ही उनका संपर्क कूलर से हुआ, उन्हें जोरदार करंट का झटका लगा और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े।
पुरोहित को गिरता देख तल्ली बमौरी निवासी प्रदीप जोशी उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन कूलर में करंट होने के कारण वह भी उसकी चपेट में आकर मामूली रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों को बिजली के संपर्क से अलग किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद भुवन चंद्र पंत को मृत घोषित कर दिया। वहीं प्रदीप जोशी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है।
स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद मनोज जोशी ने बताया कि भुवन चंद्र पंत परिवार के इकलौते बेटे थे। करीब तीन वर्ष पूर्व उनके पिता का निधन हो चुका था। वह पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान कर अपनी मां और बहन का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही बनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल -
धार्मिक आयोजन के दौरान हुए इस हादसे ने बिजली से चलने वाले उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आयोजन स्थल पर कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों की पहले से जांच की गई होती, तो संभवतः यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।