नैनीताल - नाबालिग यौन शोषण मामला, ठेकेदार उस्मान खान की जमानत याचिका खारिज

 

नैनीताल - उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल में नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित मामले में आरोपित ठेकेदार उस्मान खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे अब जारी कर दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद आरोपित के पास जमानत के लिए अब केवल सर्वोच्च न्यायालय में अपील का विकल्प शेष है।

जमानत प्रार्थनापत्र में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि पीड़िता के अब तक छह बार बयान दर्ज हो चुके हैं और उनमें विरोधाभास है। साथ ही घटना के समय प्रकाश की स्थिति को लेकर भी स्पष्टता नहीं होने की बात कही गई। वहीं राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि मामले में ट्रायल जारी है और कई गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार ने अदालत से ट्रायल को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश देने का अनुरोध भी किया।

आरोप है कि उस्मान खान ने शहर की 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश देखा गया था। आक्रोशित भीड़ ने बाजार क्षेत्र में तोड़फोड़ की थी और कुछ संगठनों ने बाजार बंद का आह्वान किया था। गिरफ्तारी के बाद से आरोपित न्यायिक हिरासत में है। मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी है।