नैनीताल - बहुचर्चित नरेश पांडे मामले में हाईकोर्ट सख्त, विवेचक अधिकारी को पेश होने के निर्देश, नहीं मिली राहत 

 

नैनीताल - उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे से जुड़े चर्चित मामले में दायर समझौता प्रार्थना पत्र और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग पर सुनवाई जारी रखते हुए मामले को ‘फ्रेश फर्स्ट केस’ के रूप में 27 मई के लिए सूचीबद्ध किया है। फिलहाल अदालत की ओर से याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं दी गई है।

 

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की जांच कर रहे विवेचक अधिकारी (आईओ) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले से जुड़ी युवती भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुई। जानकारी के अनुसार भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर गिरफ्तारी रोकने और समझौते के आधार पर एफआईआर निरस्त करने की मांग की थी।

 

याचिकाकर्ता के खिलाफ कोतवाली मल्लीताल में एक युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की पुलिस विवेचना फिलहाल जारी है। इससे पूर्व नरेश पांडे ने अपनी याचिका में आरोपों को झूठा और साजिश के तहत लगाया गया बताते हुए अदालत से राहत की मांग की थी।