नैनीताल - ओखलकांडा हादसे पर परिजनों और ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और ₹25 लाख मुआवजे की मांग, उठे यह सवाल
ओखलकांडा - कृषि विभाग का सामान लेकर जा रहा कैंटर सोमवार दोपहर ओखलकांडा क्षेत्र में कच्चे और असुरक्षित मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में कैंटर चालक कमल जोशी (25), निवासी मनाघेर धानाचूली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सहायक कृषि अधिकारी समेत तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद अब मार्ग की स्थिति और वाहन को इस कच्चे रास्ते पर ले जाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु मृतक चालक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उनके समक्ष रखी। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां करीब 250 मीटर मार्ग कच्चा है। मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से पैरापिट भी नहीं लगे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब रास्ता सुरक्षित आवागमन के अनुकूल नहीं था तो कृषि विभाग का सामान लेकर कैंटर को इस मार्ग पर ले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि कृषि विभाग का सामान प्रधान के घर उतारने के लिए वाहन को ऐसे मार्ग पर ले जाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया। यदि वाहन को असुरक्षित मार्ग पर ले जाया गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है, इसकी भी जांच की मांग की गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने विधायक निधि से बनी कच्ची सड़क की गुणवत्ता, एलाइनमेंट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि सड़क निर्माण अथवा वाहन को इस मार्ग पर ले जाने के मामले में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
हरीश पनेरु ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में सड़क निर्माण में गुणवत्ता, एलाइनमेंट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा, “आखिर कब तक पहाड़ की जनता खराब और असुरक्षित सड़कों की कीमत अपनी जान देकर चुकाती रहेगी? इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।” उन्होंने कहा कि यह समय केवल संवेदना व्यक्त करने का नहीं, बल्कि हादसे की वजहों की जांच कर जवाबदेही तय करने का है।
सहायक कृषि अधिकारी समेत तीन घायल -
सोमवार दोपहर ओखलकांडा ब्लॉक के वन विभाग कार्यालय जाने वाले मार्ग से करीब 50 मीटर पहले कृषि विभाग के उपकरण लेकर जा रहा कैंटर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में चालक कमल जोशी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सहायक कृषि अधिकारी दीवान सिंह मेहता (59), निवासी महतोली भीड़ापानी, रोहित कुमार (24), निवासी पश्यां और पंकज बिष्ट (27), निवासी मनाघेर धानाचूली घायल हुए। तीनों को उपचार के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया था।
घटना की सूचना मिलने पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने 108 की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया और जिला प्रशासन को मृतक के परिजनों को मुआवजा देने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।