नैनीताल - क्या कैंची धाम में हुई थी ऐसी लकदक बर्फ़बारी, जानिए क्या है सच, अब पुलिस लेगी ऐसे लोगों पर एक्शन
हल्द्वानी - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दुरुपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग एआई से तैयार फोटो और वीडियो को वास्तविक बताकर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे आम जनता और पर्यटकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। हाल ही में नैनीताल और ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद सोशल मीडिया पर कैंची धाम और जागेश्वर धाम की एआई जनरेटेड बर्फबारी वाली फोटो-वीडियो वायरल की जा रही हैं।
इंटरनेट मीडिया के कई प्लेटफार्मों पर भीमताल स्थित कैंची धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों को बर्फ से ढका हुआ दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में कैंची धाम क्षेत्र में इस प्रकार की बर्फबारी नहीं होती। इंस्टाग्राम पर एक यूजर द्वारा डाली गई फोटो पर स्थानीय लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कमेंट में लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि एआई फोटो डालकर झूठी जानकारी न फैलाई जाए।
एक अन्य यूजर ने कमेंट करते हुए स्पष्ट किया कि बर्फबारी कैंची धाम में नहीं बल्कि भवाली, नैनीताल, मुक्तेश्वर और रामगढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होती है। वहीं कुछ यूजर्स ने फेक फोटो और वीडियो अपलोड करने को लेकर नाराजगी जताई है। इसी तरह जागेश्वर धाम की भी एआई जनरेटेड बर्फबारी वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भ्रम फैल रहा है।
इस मामले में एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि पुलिस का सोशल मीडिया लैब सक्रिय है। इंटरनेट मीडिया पर बर्फबारी की फर्जी एआई जनरेटेड फोटो और वीडियो अपलोड करने वाले यूजर्स को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।