हल्द्वानी - आम्रपाली विश्वविद्यालय एवं एनआईआईटी फाउंडेशन के बीच एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल विकास एवं रोजगार का लाभ
हल्द्वानी - आम्रपाली विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को सशक्त बनाने और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुखी कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल विकास कार्यक्रम, डिजिटल साक्षरता, उद्योग मान्यता प्राप्त प्रमाणन पाठ्यक्रम, करियर रेडीनेस प्रशिक्षण, इंटर्नशिप तथा प्लेसमेंट सहायता का लाभ मिलेगा। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, उद्यमिता तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कार्यशालाओं, सेमिनारों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, नवाचार प्रतियोगिताओं तथा उद्योग–शैक्षणिक संवाद कार्यक्रमों का आयोजन भी करेंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा उन्हें उद्योग जगत की नवीनतम तकनीकों एवं कार्यप्रणालियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में कुलपति प्रो. (डॉ.) डी. बी. सिंह , प्रो-वाईस चांसलर प्रो. (डॉ.) एस. के. सिंह, निदेशक (स्किल डेवलपमेंट) आशुतोष गिलरा, अधिष्ठाता, फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड कंप्यूटर एप्लीकेशंस प्रो. (डॉ.) रवि शंकर प्रसाद , विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर एप्लीकेशंस प्रो. (डॉ.) एम. के. शर्मा तथा विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रो. (डॉ.) आशीष बी. खरे उपस्थित रहे। एनआईआईटी फाउंडेशन की ओर से राजेश कुमार एवं मानिका गुप्ता ने सहभागिता करते हुए इस सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगार क्षमता और करियर उन्नयन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों के लिए सीखने, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।