उत्तराखंड - यहां निर्विरोध ग्राम प्रधान की संदिग्ध मौत से गांव में मातम, जंगल में पेड़ से लटका मिला शव

 

Uttarakhand News - उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। डीडीहाट तहसील क्षेत्र के ननकुड़ी गांव में हाल ही में निर्विरोध निर्वाचित हुए ग्राम प्रधान संजय कुमार (40) का शव गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस को प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। सूचना मिलते ही अस्कोट थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से उतारकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।

मानसिक तनाव में थे संजय कुमार - 
परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ में यह सामने आया है कि संजय कुमार कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। हालांकि, तनाव का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। संजय अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं।

दो हफ्ते पहले ली थी शपथ - 
संजय कुमार ने 31 जुलाई को पंचायत चुनाव में निर्विरोध विजय प्राप्त की थी। दो हफ्ते पहले ही उन्होंने ग्राम प्रधान पद की शपथ ली थी। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण स्तब्ध हैं कि जिस व्यक्ति को उन्होंने विकास की उम्मीद में चुना, उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। संजय कुमार इससे पहले 2002 से 2007 तक भी ग्राम प्रधान रह चुके थे। ग्रामीणों के अनुसार वे बेहद मिलनसार, जिम्मेदार और विकास के प्रति सजग व्यक्ति थे। यहां तक कि जब वे पद पर नहीं थे, तब भी ग्रामीणों के कार्यों में सहयोग करते रहते थे।

थानाध्यक्ष सुरेश कंबोज ने बताया, ग्राम प्रधान का शव जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

संजय की अचानक मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों के मन में एक ही सवाल है — "आखिर संजय ने ऐसा कदम क्यों उठाया?" दो हफ्ते पहले ही उन्होंने नई जिम्मेदारी संभाली थी और लोगों में नई उम्मीदें जगी थीं। पिथौरागढ़ उत्तराखंड का सीमांत जिला है, जिसकी सीमाएं नेपाल और तिब्बत से लगती हैं। जिले में कुल 690 ग्राम पंचायतें हैं। हाल ही में संपन्न पंचायत चुनावों में संजय कुमार को ननकुड़ी गांव से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना गया था।