नैनीताल - कार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हुई रोडवेज बस, बाल-बाल बचे यात्री, मची चीख-पुकार, बड़ा हादसा टला
नैनीताल - रामनगर से देघाट जा रही रोडवेज बस भकराकोट के पास अचानक सामने आई कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। गनीमत रही कि बस पलटने से पहले ही रुक गई, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के समय बस में करीब 10 से 12 यात्री सवार थे। अचानक बस के सड़क से नीचे उतरने से यात्रियों में हड़कंप मच गया और मौके पर चीख-पुकार की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, रामनगर से देघाट की ओर जा रही रोडवेज बस मोहान से आगे भकराकोट के पास पहुंची थी। इसी दौरान अचानक सामने एक कार आ गई। कार को बचाने के प्रयास में बस चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को संभाल लिया, जिससे वह पलटने से बच गई।
बस के सड़क से नीचे उतरते ही उसमें सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए घटनाक्रम से यात्री सहम गए और कुछ देर के लिए मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि बस पलटी नहीं और समय रहते रुक गई। हादसे में किसी यात्री के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि भकराकोट क्षेत्र में सड़क काफी संकरी है, जिसके चलते सामने से आने वाले वाहनों को पास देने में परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने मार्ग के चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर किए जाने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीते दिनों भी इसी क्षेत्र में एक डंपर पहाड़ी से नीचे गिर गया था, जिसमें चालक की मौत हो गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के चलते पहाड़ी मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
गौरतलब है कि सल्ट क्षेत्र के मरचूला में कूपी बैंड के पास 5 नवंबर 2024 को भी एक भीषण बस हादसा हुआ था। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 27 लोग घायल हुए थे। ऐसे में भकराकोट के पास रोडवेज बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से बचने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षित यातायात और सड़क चौड़ीकरण की जरूरत को सामने ला दिया है।