हल्द्वानी - मनचाहे दिन दोपहिया वाहन लेने की सोच रहे तो पहले ही करवा लें बुकिंग, वर्ना किरकिरा हो सकता है त्योहार का मजा 

 

हल्द्वानी - कुमाऊं कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत के बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के दोपहिया वाहनों की डिलीवरी पर रोक लगाने के निर्देश के बाद वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के साथ-साथ शोरूम संचालकों की भी चिन्ताएं बढ़ गई है। अब ग्राहक अपनी पसंद के दिन शोरूम से नया दोपहिया वाहन लेकर नहीं निकल पा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन और नंबर प्लेट की प्रक्रिया पूरी होने में करीब तीन दिन का समय लगने के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है।

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी वाहन का सड़क पर संचालन प्रतिबंधित है। निर्देशों के अनुसार यदि कोई डीलर वाहन खरीदने वाले व्यक्ति को बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के वाहन बेचता या डिलीवर करता है तो संबंधित व्यवसायी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन वाहन संचालन के मामले में लाइफटाइम टैक्स का 15 गुना जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान बताया गया है।
कमिश्नर ने हल्द्वानी और अल्मोड़ा के संभागीय परिवहन अधिकारियों को क्षेत्र में ऐसे वाहनों को चिन्हित करने और संबंधित वाहन डीलरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

 

त्योहारों के सीजन में बिक्री की चिंता - 
दूसरी ओर, आने वाले रक्षाबंधन, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए शोरूम संचालकों को बिक्री प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहन खरीदते हैं और कई ग्राहक शुभ मुहूर्त में उसी दिन वाहन की डिलीवरी लेना पसंद करते हैं। लेकिन अब रजिस्ट्रेशन और नंबर प्लेट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वाहन डिलीवर किए जाने से ग्राहकों को कई दिन इंतजार करना पड़ सकता है।

शोरूम संचालकों का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण बिक्री और ग्राहक संतुष्टि दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में त्योहारों के सीजन में इसका सीधा असर वाहन कारोबार पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में डीलरों के पास गाड़ियों के नंबर जारी करने का अधिकार है।  

आरटीओ हल्द्वानी गुरुदेव सिंह ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के किसी भी दोपहिया वाहन को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं है। वाहन डीलरों को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ग्राहक को वाहन की डिलीवरी करनी होती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्य दिवस में परिवहन कार्यालय में फाइल पहुंचते ही दो घंटे के भीतर नंबर पंजीकरण कर लिया जाता है जिसकी सूचना शोरूम संचालको को भी दे दी जाती है।