हल्द्वानी - बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण, पुनर्वास कैंप की तैयारियां हुई तेज, टीम ने स्थलों का किया निरीक्षण, पढिए अपडेट
हल्द्वानी - बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वास प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रविवार को उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रशासन की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित पुनर्वास कैंप स्थलों का निरीक्षण किया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव न्यायमूर्ति प्रदीप मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित क्षेत्र में उन स्थानों का जायजा लिया, जहां आगामी दिनों में पुनर्वास से संबंधित शिविर लगाए जाने हैं।
मीडिया से बातचीत में सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने बताया कि अब्दुल मतीन सिद्दीकी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अदालत के निर्देशानुसार 19 मार्च के बाद प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास कैंप लगाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए छह अलग-अलग स्थानों को चिन्हित किया गया है और छह टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर लगाकर प्रभावित परिवारों तक पहुंचेंगी।
इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित क्षेत्र का कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। कैंप के माध्यम से लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी जाएगी और पात्र लोगों से आवेदन पत्र भी भरवाए जाएंगे। ईद के त्योहार को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदीप मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रक्रिया से त्योहार के आयोजन पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिविरों की शुरुआत 20 मार्च से की जा सकती है, जबकि परिस्थितियों के अनुसार इसे 21 मार्च से भी शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ये शिविर पूरी तरह से उनकी सहायता के लिए लगाए जा रहे हैं और इनका किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि हर पात्र परिवार तक पहुंचकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।