हल्द्वानी - आईटी क्रांति की तैयारी, रानीबाग की बंद एचएमटी फैक्ट्री की 45 एकड़ जमीन पर बनेगा आईटी हब
हल्द्वानी - कुमाऊं की औद्योगिक पहचान रहे रानीबाग क्षेत्र को एक बार फिर नई दिशा मिलने जा रही है। वर्षों से बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45 एकड़ से अधिक भूमि पर अब राज्य सरकार आईटी हब विकसित करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इससे न केवल क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी, बल्कि कुमाऊं समेत पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
रानीबाग के समीप वर्ष 1985 में स्थापित एचएमटी फैक्ट्री कभी स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हुआ करती थी। करीब 91 एकड़ में फैले इस औद्योगिक परिसर का संचालन वर्ष 2016 में बंद हो गया, जिसके बाद पूरा क्षेत्र वीरान और खंडहर में तब्दील हो गया। लंबे समय तक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अटकी रही।
वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने एचएमटी की 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी। इसके बाद यहां मिनी सिडकुल, एम्स, हथियार निर्माण इकाई और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग जैसे विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
अब मुख्यमंत्री की नई घोषणा से एक बार फिर उम्मीद जगी है। रामपुर रोड स्थित एफटीआई में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रस्तावित आईटी हब में देश की नामी आईटी कंपनियों को एक ही परिसर में स्थापित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो हल्द्वानी और आसपास का इलाका आईटी सेक्टर का उभरता केंद्र बन सकता है। इससे न केवल पलायन पर रोक लगेगी, बल्कि कुमाऊं की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
अब देखना होगा कि वर्षों से बंद पड़ी इस औद्योगिक धरोहर की जमीन पर आईटी हब का सपना कितनी तेजी से साकार होता है। फिलहाल, रानीबाग और आसपास के युवाओं की निगाहें सरकार की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।