हल्द्वानी - बिड़ला स्कूल के वार्षिक खेलकूद समारोह ‘समत्वम्’ में दिखी प्रतिभा और अनुशासन की मिसाल, दर्शकों का मोहा मन
हल्द्वानी - आर्यमान विक्रम बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, हल्द्वानी में वार्षिक खेलकूद समारोह ‘समत्वम्’ का भव्य आयोजन उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। ‘विजय में विनम्रता, पराजय में गरिमा’ की थीम पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने खेल प्रतिभा के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भी दर्शकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासक राजीव मेहता का विद्यालय परिसर में घुड़सवारों द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। हेड गर्ल इशिका कंबोज और हेड बॉय विनायक मेहरा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया। समारोह में दिल्ली पब्लिक स्कूल रुद्रपुर के चेयरपर्सन सरदार सुरजीत सिंह ग्रोवर और आईटीसी सेंचुरी पल्प एंड पेपर लालकुआं के उपाध्यक्ष नरेश चंद्रा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
प्रधानाचार्य प्रवेश मेहरा ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान एस्ट्रो पाठशाला के विद्यार्थियों ने ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा कर समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मुख्य अतिथि ने विद्यालय ध्वज फहराकर और खेल मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।
हेड गर्ल और हेड बॉय के नेतृत्व में दिनकर, दिवाकर, भास्कर और प्रभाकर सदनों के विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों को खेल भावना, ईमानदारी और अनुशासन की शपथ दिलाते हुए कहा कि घुड़सवारी एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल है और हल्द्वानी में इसकी शुरुआत बिड़ला स्कूल की सराहनीय पहल है।
समारोह में नन्हे बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों के अलावा ‘फिट इंडिया, हिट इंडिया’ थीम पर एरोबिक्स, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ योग प्रदर्शन, एस्ट्रो पाठशाला की प्रस्तुति, म्यूजिकल फ्यूजन, घुड़सवारी, ताइक्वांडो और भांगड़ा ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
खेल प्रतियोगिताओं में 100, 200 और 400 मीटर दौड़ तथा रिले रेस के फाइनल मुकाबले आयोजित किए गए। विजेता खिलाड़ियों को पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मार्चपास्ट में दिवाकर हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि चैंपियंस हाउस ट्रॉफी भास्कर और दिवाकर हाउस को संयुक्त रूप से मिली। वर्षभर के समग्र प्रदर्शन के आधार पर प्रभाकर हाउस ने कॉक हाउस ट्रॉफी अपने नाम की।
कार्यक्रम का संचालन 12 विद्यार्थियों की टीम ने किया, जबकि उपप्रधानाचार्य प्रकाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।