हल्द्वानी - फिर खुलेगी बनभूलपुरा कांड की फाइल, उपद्रवियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, एसएसपी ने क्या बताया
हल्द्वानी - बनभूलपुरा में 8 फरवरी 2024 को हुई हिंसा मामले की जांच को लेकर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी के निर्देश पर अब एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ हल्द्वानी अमित सैनी, कोतवाल हल्द्वानी और बनभूलपुरा की टीम मिलकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। जांच में सर्विलांस और सीसीटीवी/वीडियो फुटेज को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है, ताकि हिंसा और उपद्रव में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि दंगे के दौरान जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, नगर निगम और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, पुलिस की पिस्टल छीनी और वाहनों को आग के हवाले किया, ऐसे सभी उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज्य सरकार की ओर से दायर एसएलपी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया गया। अदालत के निर्देश के अनुसार दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर जेल में सरेंडर करना होगा।
गौरतलब है कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा में नगर निगम और पुलिस के कई कर्मचारी घायल हो गए थे। इस दौरान भारी तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस से हथियार छीनने की घटनाएं सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी, और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।