नैनीताल - संघर्ष से शिखर तक, छात्र संघ अध्यक्ष से कैबिनेट मंत्री बनने तक राम सिंह कैड़ा का सफ़र, भीमताल का प्रदेश में बढ़ा कद
भीमताल/हल्द्वानी - लंबे राजनीतिक इंतजार और निरंतर संघर्ष के बाद भीमताल से दूसरी बार विधायक राम सिंह कैड़ा (Cabinet Minister Ram Singh Kaira) ने आखिरकार धामी सरकार के मंत्रिमंडल में अपनी जगह बना ली है। उनके मंत्री बनने से दुर्गम और लंबे समय से उपेक्षित भीमताल क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। राम सिंह कैड़ा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचा है। इसे संघर्ष, संगठन और मजबूत जनाधार का उदाहरण माना जा रहा है।
छात्र राजनीति से बनाई मजबूत पहचान
ओखलकांडा ब्लॉक के कैड़ा गांव में 15 मार्च 1974 को जन्मे राम सिंह कैड़ा ने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में उच्च शिक्षा हासिल की, जहां वे छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। वर्ष 1999 में छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के साथ उन्होंने अपने नेतृत्व का लोहा मनवाया। इससे पहले भी वे छात्रसंघ के विभिन्न पदों पर निर्वाचित हो चुके थे।
राज्य आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान कैड़ा अग्रिम पंक्ति में रहे। अलग राज्य की मांग को लेकर उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया, जेल यात्राएं कीं और लाठीचार्ज का सामना किया। इस दौर ने उनकी राजनीतिक पहचान को और मजबूत किया।
कांग्रेस से भाजपा तक का सफर -
छात्र जीवन से कांग्रेस से जुड़े रहे कैड़ा को जब भीमताल से टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2017 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर उन्होंने मोदी लहर के बावजूद जीत दर्ज की। कुल 95,669 मतों में से 18,878 वोट हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ साबित की। निर्दलीय रहते हुए भी वे भाजपा के करीब रहे और 2022 चुनाव से पहले औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन पर भरोसा जताया, जिसे उन्होंने जीत में बदल दिया।
मंत्री बनने से बढ़ीं विकास की उम्मीदें-
राम सिंह कैड़ा के मंत्री बनने से भीमताल समेत पूरे पर्वतीय क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता अब ठोस पहल की उम्मीद कर रही है।
राजनीतिक सफर एक नजर में -
1994: एमबीपीजी कॉलेज में उप सचिव
1997: छात्रसंघ सचिव
1999: छात्रसंघ अध्यक्ष
2001: कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र महासंघ अध्यक्ष
2001: उत्तराखंड संयुक्त छात्र संघर्ष समिति अध्यक्ष
2008: जिला पंचायत सदस्य, नैनीताल
2008 व 2012: क्षेत्र पंचायत सदस्य
2017-2022: भीमताल से विधायक (निर्दलीय)
2022: भाजपा से विधायक निर्वाचित
2026: धामी सरकार में मंत्री