भीमताल - ओखलकांडा में विकास के दावों की खुली पोल! डोली के सहारे मरीज को आठ किमी ले जाने को मजबूर ग्रामीण
भीमताल/ओखलकांडा - उत्तराखंड में विकास के दावों के बीच पहाड़ की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ओखलकांडा ब्लॉक के अधौड़ा गांव से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण एक बीमार महिला को डोली में लिटाकर करीब आठ किलोमीटर दूर सड़क मार्ग तक ले जाते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 80 साल और उत्तराखंड राज्य गठन के 25 साल बाद भी उनके गांव के कई तोक सड़क सुविधा से वंचित हैं।
वायरल वीडियो में महिला को चार ग्रामीण पथरीली और उबड़-खाबड़ पहाड़ी पगडंडी से डोली के सहारे ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो बनाने वाले समाजसेवी दीपक सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से इस तस्वीर को देखने की अपील करते हुए सवाल उठाया कि जब विकास के कामों के दावे किए जाते हैं तो पहाड़ के ग्रामीणों को आज भी मरीजों को डोली में ले जाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक गांव की एक महिला के पैर में फोड़ा होने के बाद वह चलने में असमर्थ हो गई थी। ग्रामीणों ने उसे डोली के जरिए करीब आठ किलोमीटर दूर सड़क मार्ग तक पहुंचाया। इस दौरान ग्रामीणों को खड़ी पहाड़ी, पथरीले रास्ते और जंगल की झाड़ियों के बीच से गुजरना पड़ा। बाद में महिला का उपचार कराया गया और वह स्वस्थ होकर गांव लौट गई।
कई तोक आज भी सड़क से वंचित -
ओखलकांडा ब्लॉक के अधौड़ा गांव के मौडा, कुनरा और धमोरी समेत कई तोकों में रहने वाले ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की स्थिति में कई किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर या डंडी-कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। रविवार को भी गांव की रहने वाली केशवी देवी पत्नी हयात सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए हल्द्वानी ले जाने में परिजनों और ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सड़क नहीं बनी तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी -
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार विधायक और सांसद से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
गांव के युवा दीपक मेहरा ने बताया कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाई जा रही है। ग्रामीणों ने अब चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं हुई तो 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।वायरल वीडियो ने पहाड़ में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को एक बार फिर उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर सड़क सुविधा से वंचित इन गांवों तक विकास की सड़क कब पहुंचेगी?