देहरादून - उत्तराखंड में भर्ती परीक्षा पेपर लीक पर बवाल, देहरादून और हल्द्वानी में आज बेरोज़गारों का बड़ा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे युवा 
 

 

देहरादून - उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद राज्य में फिर से सियासी और युवा वर्ग में आक्रोश फैल गया है। उत्तराखंड बेरोज़गार संघ के आह्वान पर आज, 22 सितंबर (सोमवार) को हजारों की संख्या में युवा देहरादून के परेड ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन के लिए जुट रहे हैं। पिछली भर्तियों में धांधली से पहले ही नाराज़ युवा इस बार फिर सड़कों पर हैं, और मांग कर रहे हैं कि रविवार को हुई परीक्षा को रद्द किया जाए।


पेपर लीक का आरोप और आंदोलन की चेतावनी - 
बेरोज़गार संघ का आरोप है कि रविवार को हुई UKSSSC परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। अध्यक्ष बॉबी पंवार ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के भीतर यानी सुबह 11:35 बजे पेपर का एक सेट लीक हो गया था। बॉबी पंवार ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में चर्चित नकल माफिया हाकम सिंह की फिर से भूमिका सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस की नज़र उस पर पहले से क्यों नहीं थी।


प्रशासन सख्त, धारा 163 बीएनएसएस लागू - 
संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं। देहरादून शहर के कई संवेदनशील इलाकों में धारा 163 बीएनएसएस लागू कर दी गई है, जिसके तहत 5 से अधिक लोगों के जुटने पर पाबंदी, धरना, जुलूस, नारेबाजी और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध, हथियार, लाठी-डंडे, औजार या आपत्तिजनक वस्तुएं लाने पर रोक है।


बेरोज़गार संघ के प्रतिनिधियों ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और UKSSSC अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया से मुलाकात कर परीक्षा रद्द करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने फिलहाल पेपर रद्द करने से इनकार किया है। उत्तराखंड में युवाओं का बेरोजगारी और भ्रष्ट भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ गुस्सा उबाल पर है। पेपर लीक की पुनरावृत्ति से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन प्रदर्शन को कैसे नियंत्रित करता है और युवाओं की मांगों पर सरकार का अगला कदम क्या होता है।