हल्द्वानी - चीन सीमा पर तैनात सेना के जवान की हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, SSB परीक्षा की तैयारी से लौट रहे थे तुषार
हल्द्वानी - शहर के मुखानी थाना क्षेत्र में आरटीओ कार्यालय के पास रहने वाले भारतीय सेना के जवान तुषार जोशी (26) की 17 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तुषार चार माह से चेन्नई में एसएसबी परीक्षा की तैयारी और कोर्स के लिए गए थे। आठ अगस्त को कोर्स पूरा होने के बाद नौ अगस्त को दिल्ली लौटते समय ट्रेन में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली कैंट स्थित आर्मी बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 17 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार को काठगोदाम स्थित रानीबाग में सैन्य सम्मान के साथ तुषार के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। जवान की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
चीन सीमा पर तैनात थी पलटन -
तुषार के पिता भुवन चंद्र जोशी ने बताया कि वह मूलरूप से पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र के रहने वाले हैं। कई वर्ष पहले परिवार हल्द्वानी में आकर बस गया था। भुवन चंद्र जोशी स्वयं सेना से सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर हैं। उन्होंने बताया कि तुषार करीब सात वर्ष पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और उनकी पलटन चीन सीमा पर तैनात थी। तुषार भी सीमा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
समुद्र में नहाने के बाद तबीयत बिगड़ने की आशंका -
परिजनों के अनुसार, चेन्नई में कोर्स पूरा करने के बाद दिल्ली रवाना होने से पहले तुषार अपने दोस्तों के साथ समुद्र में नहाने गए थे। दिल्ली लौटते समय ट्रेन में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली कैंट स्थित आर्मी बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
तुषार के पिता ने आशंका जताई है कि समुद्र में नहाने के दौरान पानी के जरिए अमीबा उनके शरीर में प्रवेश कर गया होगा, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
परिवार में सेना से जुड़ाव -
तुषार के परिवार में पिता भुवन चंद्र जोशी, मां प्रेमा देवी, बड़े भाई मोहित जोशी और एक बहन हैं। उनका बड़ा भाई भी सेना में कार्यरत है। जवान बेटे की मौत से परिवार सदमे में है। रानीबाग में अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों, सैन्यकर्मियों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।