अल्मोड़ा- रानीखेत सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला, इस मामले में एमबीएल कंपनी के सीएमडी पर ढाई करोड़ का जुर्माना और जेल
रानीखेत - एडीबी परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य से जुड़े चेक बाउंस प्रकरण में बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। रानीखेत सिविल न्यायालय ने एमबीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सीएमडी अंजनी कुमार लखोटिया को दोषसिद्ध करार दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमबीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एडीबी प्रोजेक्ट के तहत रानीखेत–जालमासी एवं द्वाराहाट–भीमांडेश्वर मोटर मार्ग निर्माण कार्य आरपीजी इन्फ्राटेक को सौंपा था। आरोप है कि कार्य पूर्ण होने के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया। भुगतान के एवज में आरपीजी इन्फ्राटेक को जो चेक दिया गया, वह बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।
इसके बाद आरपीजी इन्फ्राटेक ने रानीखेत सिविल कोर्ट में चेक बाउंस का वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने कंपनी एवं उसके सीएमडी को दोषी पाया।
सिविल जज रानीखेत ने अपने फैसले में अंजनी कुमार लखोटिया को छह माह के कारावास की सजा तथा ढाई करोड़ रुपये का अर्थदंड सुनाया है। न्यायालय के इस निर्णय से निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों और कंपनियों में हलचल मच गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला चेक बाउंस मामलों में एक सख्त संदेश देता है कि भुगतान में लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक पर कानून कड़ा रुख अपनाएगा।